रेरा को लेकर राज्यों ने दिखाई सुस्ती नहीं बनाया परमानेंट रेग्युलेटर

रेरा के तहत रजिस्टर्ड हुए करीब 25000 प्रोजेक्ट्स

नई दिल्ली। रियल एस्टेट रेग्युलेशन ऐँड डिवलपमेंट ऐक्ट (रेरा) को लागू किए एक साल हो गए। लेकिन इसको लेकर कुछ राज्य अभी भी सुस्ती दिखा रहे हैं। और दूसरी ओर महाराष्ट्र ने रेरा को ठीक से लागू किया है।

इसके अलावा मध्यप्रदेश भी धीरे-धीरे कदम उठा रहा है। लेकिन बचे बाकी राज्य जो कि अभी भी इस मामले में नरमी बरत रहे हैं।

अधिकतर राज्यों ने होम बायर्स की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक अंतरिम रेग्युलेटर बैठा दिया है और उन्होंने रेरा के तहत परमानेंट रेग्युलेटर नहीं बनाया है।

देश भर में रेरा के तहत रजिस्टर्ड हुए करीब 25000 प्रोजेक्ट्स में से 62 पर्सेंट महाराष्ट्र में हैं।’ बंगाल ने बिल्कुल ही अलग रास्ता पकड़ लिया है और उसने अपना अलग हाउसिंग लॉ-हाउसिंग इंडस्ट्री रेग्युलेशन ऐक्ट के नाम से बना दिया है।

प्रॉपटाइगरडॉटकॉम, हाउसिंगडॉटकॉम और मकानडॉटकॉम के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा, ‘अभी रेरा के ये शुरुआती दिन हैं।

लिहाजा इसको लागू करने में सुस्ती पर फोकस करने से कोई फायदा नहीं है। रेरा के ही चलते 3-4 साल में रियल एस्टेट बिल्कुल ही अलग इंडस्ट्री बन जाएगा।

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