उत्तर प्रदेशराज्य

हमसे न छीनो गांधी की हत्या का श्रेय: महासभा

मेरठ: 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के मामले में अदालत की मदद के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से सलाहकार (अमीकस क्यूरी) नियुक्त किए जाने के बाद हिंदू महासभा ने बीजेपी और आरएसएस को इस मसले से दूर रहने को कहा है।

हिंदू महासभा का कहना है कि बीजेपी और आरएसएस जानबूझकर चौथी गोली की थिअरी पैदा कर इस मामले को उलझाना चाहती है।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा, ‘यह हर किसी को पता है कि महासभा के नाथूराम गोडसे ने ही बापू की हत्या की थी। यह हमारी विरासत है।

बीजेपी और आरएसएस इसे हमसे नहीं छीन सकती है। उसे तो हिंदू महासभा का विचार अपनाने के लिए आभारी होना चाहिए।

बापू की हत्या में चौथी गोली की बात कर दोनों सगठन संशय पैदा कर रहे हैं। ऐसे में उनके चेहरे पर से मुखौटे हटाने का वक्त आ गया है।

नाथूराम गोडसे का हिंदू महासभा से अभिन्न रिश्ता था। अब बीजेपी और आरएसएस गोडसे को किनारे कर महात्मा गांधी से संबंधित सारा क्रेडिट खुद लेना चाहती है।

उन्हें पता है कि गोडसे को हटाकर महासभा अधिकारहीन हो जाएगी। हम ऐसा नहीं होने देंगे।’

गौरतलब है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की फिर से जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की मदद के लिए पूर्व अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमरेंद्र शरण को सलाहकार (अमीकस क्यूरी) नियुक्त किया है।

‘अभिनव भारत’ के संस्थापक पंकज फडनीस ने दावा किया था कि राष्ट्रपिता की हत्या एक संदिग्ध व्यक्ति ने की थी, जिसने उन पर ‘चौथी गोली’ दागी थी।

सुनवाई के दौरान जस्टिस एस. ए. बोबडे और एल. नागेश्वर की बेंच ने पहले तो दोबारा जांच की जरूरत पर सवाल उठाए थे।

बाद में कोर्ट ने अमरेंद्र शरण से मामले में मदद करने को कहा था। याचिकाकर्ता ने एक डॉक्यूमेंट्री के साक्ष्यों का हवाला देते हुए दावा किया था कि महात्मा गांधी के असली हत्यारे को कभी पकड़ा नहीं गया।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि 70 साल बाद इस मामले को फिर क्यों खोला जाए? इस पर याचिकाकर्ता ने दोबारा जांच के कई आधार गिनाए और कहा कि नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने भी महात्मा गांधी पर गोली चलाई थी।

इसके पीछे कोई संगठन था। दुनिया के कई अखबारों ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बापू पर चार गोलियां मारी गई थीं पर चौथी गोली का रहस्य अब तक बना रहा।

तीसरे संदिग्ध व्यक्ति के बारे में पूछने पर पंकज ने कहा था कि गांधी की हत्या में एक संगठन का हाथ था और हत्यारे की मौत के बाद यह खुलासा होना चाहिए।

Back to top button