शेयर बाजार में निवेश – ग्रहों पर निर्भर हार-जीत

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव 8178677715, 9811598848

शेयर बाजार शीघ्र धन लाभ और शीघ्र सफलता देने वाला बाजार है। यही वजह है की प्रत्येक व्यक्ति इसकी और शीघ्र आकर्षित हो जाता है। जल्द सफलता पाने का यह सरल और सुविधाजनक मार्ग प्रतीत होता है।

कुछ व्यक्ति इसमें थोड़ी मात्रा में और निरंतर निवेश करना पसंद करते है तो कुछ बहुत सारा धन लगा कर बहुत जल्दी धनी बनना चाहते है। जितना अधिक धन उतना अधिक जोखिम। किसी व्यक्ति के लिए शेयर बाजार जीवन की उन्नति का कारक बन जाता है।

शेयर बाजार जीतनी जल्द सफलता देता है उतनी ही जल्दी कई बार हानि देकर जमीन पर भी पटक देता है। स्टॉक मार्केट एक जोखिम से भरा व्यवसाय है, इसे एक प्रकार का जुआ भी कहा जा सकता है।

शेयर बाजार में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कुछ इस प्रकार बदल सकती है जिस प्रकार समुद्र में ज्वारभाटा आने पर समुद्र के निकट के तटों का सबकुछ तहस नहस हो जाता है, ठीक इसी प्र्रकार शेयर बाजार एक निवेशक को करोड़पति से भिखारी और भिखारी को करोड़पति बना सकता है।

शेयर मार्केट में जीतना और हारना कोई नहीं बात नहीं है। यहाँ एक की जीत दूसरे की हार होती है। इसमें धन लगाने वाला व्यक्ति कभी कभी जीतता है और अक्सर हार जाता है। यहां सफलता और असफलता एक सिक्के के दो पहलू कहे जा सकते है।

इसीलिए यहाँ धन लगाते समय सावधान रहना चाहिए। शेयर बाजार जोखिम से भरा व्यवसाय होने के कारण इसमें स्थायी सफलता की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस विषय में ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है आइये जाने-

शेयर बाजार से सम्बंधित भाव

शेयर बाजार अफवाहों और अटकलों पर आधारित बाजार भी है, यही कारण है की यह देश, राज्य और आसपास की घटनाओं से इसमें उतार चढ़ाव आते है। शेयर बाजार में धन निवेश में सफलता हासिल करने के लिए सर्वप्रथम पंचम घर का विचार किया जाता है।

पंचम भाव शेयर बाजार का भाव है, और द्वितीय भाव धन भाव होने के कारण इसका विश्लेषण भी यहां किया जाता है। पंचम भाव बुद्धि, ज्ञान पवित्रता और संतान का भाव है। इस भाव से धन के सुख का विचार भी या जाता है।

पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों के परिणामस्वरूप इस भाव की स्थिति बनती है। धन और समृद्धि का प्रत्यक्ष सम्बन्ध पूर्व जन्मों के कर्मों से होता है। यही वजह है की कुछ लोग योग्यता और क्षमता ना होने पर भी बहुत आसानी से धन अर्जित करते है, जबकि अन्य प्रतिभा और क्षमता होते हुए भी सफलता के लिए संघर्ष करते रहते है।

आप ऐसे व्यक्ति के विषय में क्या कहेंगे की यदि किसी व्यक्ति का जन्म एक बहुत समृद्ध परिवार में हुआ है तो उसे धन अर्जन करने के लिए अधिक संघर्ष नहीं करना होगा। कुंडली के 2,5, ९, 8,11 भाव वित्तीय क्षेत्र में सफलता के संकेतक है।

पंचम भाव अंतर्ज्ञान, शेयर बाजार, सट्टेबाजी, शेयर ट्रेडिंग, विदेशी मुद्रा, लॉटरी के माध्यम से लाभ का भाव है। कभी कभी यह अंतर्ज्ञान हमें धन कमाने में हमारी मदद करता है। शेयर बाजार से जुड़े भावों में नवम भाव भाग्य, फार्च्यून या लक का भाव है यह आपकी किस्मत बना या बिगाड़ सकता है।

एकादश भाव लाभ, आय और सभी इच्छाओं की पूर्ति का भाव है, दशम भाव व्यावसायिक पेशे का भाव है, चतुर्थ भाव मानसिक संतुलन की व्याख्या करता है। एवं सबसे अंत में बारहवें भाव का विश्लेषण करना चाहिए।

शेयर बाजार से सम्बंधित ग्रह

शेयर बाजारों में सफलता की स्थिति का विचार करने के लिए सबसे पहले बुध और गुरु की स्थिति कुंडली में देखी जाती है। इन ग्रहों को शेयर बाजार से जुड़ा प्रमुख ग्रह भी कहा जा सकता है। शेयर बाजारों में वृद्धि और गिरावट का पता लगाने के लिए गोचर में चंद्र की स्थिति को सांकेतिक रूप से प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक दो घंटे में लग्न के बदलने से शेयर बाजार में बदलाव की स्थिति को अंकित किया जा सकता है। यहां से गुरु का सम्बन्ध , शेयर बाजार की बदलती परिस्थितियों को स्पष्ट करता है।

किसी भी कुंडली से सफलता के 100% संकेत प्राप्त नहीं किए जा सकते। लाभ और हानि की स्थिति ग्रह गोचर और दशाओं पर निर्भर करती है। जब तक कुंडली के योग शेयर बाजार में सफलता की सम्भावनाएं को व्यक्त ना करती हो तब तक शेयर बाजार में धन निवेश करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस स्थिति में जोखिम लेना धन हानि का कारण बन सकता है।

सबसे पहले ग्रहों की स्थिति का विचार करना चाहिए, उसके बाद ग्रहों के द्वारा शासित शासित उद्योगों को ध्यान में रखना चाहिए। जैसे – यदि कुंडली में गुरु मजबूत स्थिति में हो तो आपके लिए फार्मा सेक्टर में निवेश करना अनुकूल रहेगा। इसी प्रकार शुक्र की मजबूत स्थिति ऑटो उद्योग क्षेत्रों में निवेश करने के संकेत देती है। बुध का बली होना दूरसंचार क्षेत्रों में निवेश का सूचक होता है।

शनि स्टील पर राज करता है और यदि आपकी कुंडली में शनि शक्तिशाली है, तो आप स्टील सेक्टर में निवेश कर सकते हैं। मंगल बिजली पर स्वामित्व रखता है और यदि मंगल आपके नैटल चार्ट में शक्तिशाली है, तो आप बिजली क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं। यदि राहु आपके नैटल चार्ट में मजबूत है, तो आईटी सेक्टर में निवेश करें। यदि आपका शनि शक्तिशाली है तो आप तेल के क्षेत्र में निवेश कर सकते है।

सूर्य सरकारी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य का मजबूत होना आपको सरकारी क्षेतों में निवेश करने के संकेत देता है। शेयर बाजार से सम्बंधित विशेष शुभ दिन, जिन दिनों आप छोटे निवेश कर सकते हैं।

शेयर बाजार से सम्बंधित वार

गुरुवार, शुक्रवार, सोमवार और बुधवार स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए सामान्यता शुभ है। दीर्घकालीन निवेश करते समय आपको अपने ग्रह गोचर, दशा और वार को ध्यान में रखना चाहिए। संभावित ब्लू-चिप्स लेने के लिए इनमें से किसी दिन का चयन करना चाहिए।

कुंडली के सभी भाव और प्रश्न कुंडली से किसी दिन विशेष की शुभता और अशुभता दोनों को जाना जा सकता है। प्रश्न कुंडली से यदि परिणाम प्रतिकूल आ रहे हो तो आपको किसी भी प्रकार के निवेश से बचना चाहिए। एक लाभप्रद ग्रह की दशा और दिशा आपको अच्छे लाभ कमाने की और प्रेरित करती है। गुरु ग्रह बड़ी मात्रा में बड़े निवेश का सूचक है और शनि मंद गति से निवेश को प्रकट करता है।

आकस्मिक जोखिम आधारित बाजार होने के कारण शेयर बाजार में निवेश का आकलन करने में राहु ग्रह बहुत महत्वपूर्ण ग्रह है। यह ग्रह जोखिम उठाने या ना उठाने की स्थिति दर्शाता है। राहु की स्थिति अनुकूल होने पर गुरु ग्रह की स्थिति का विचार भी अवश्य करना चाहिए।

उच्च जोखिम, उच्च रिटर्न

शेयर बाजारों उच्च जोखिम, उच्च रिटर्न थ्योरी पर काम करता है। यह सर्वविदित है की जोखिमों के बिना, कोई व्यवसाय लाभ का रूप नहीं ले सकता, और ना ही दीर्घकाल के लिए विकसित हो सकता है। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पूर्व एक वित्तीय विशेषज्ञ से परामर्श करने के साथ साथ किसी योग्य ज्योतिषी से भी संपर्क करना चाहिए। क्योंकि शेयर बाजार काफी हद तक भाग्य आधारित बाजार है। इसमें सफलता की स्थिति बहुत कुछ आपके भाग्य पर निर्भर करती है।

जन्मपत्री में ग्रह उदय या अस्त स्थिति में स्थित हो तो शेयर बाजार के विषय में निर्णय लेते समय विशेष सावधान रखनी चाहिए। इसी प्रकार राहु और चंद्र की स्थिति को देखते हुए ही निवेश का निर्णय लेना चाहिए।

शेयर बाजार में सफलता के ज्योतिषीय योग –

1. पंचम भाव और पंचमेश यदि दोनों सुस्थित हो या फिर पंचम भाव में पंचमेश स्थित हो तो व्यक्ति शेयर बाजार में धन निवेश कर लाभ कमाता है।

2. पंचमेश का बली अवस्था में मजबूत होना, और कोई भी ग्रह कब मजबूत होता है जब वह स्वराशि, उच्चराशि, स्वराशि या मूलत्रिकोण राशि में होता है, तो व्यक्ति को शेयर बाजार में धन लाभ होता है।

3. पंचमेंश बली होकर जब पंचम भाव को दृष्टि दे और अशुभ ग्रहों का प्रभाव ना हो तो व्यक्ति के शेयर बाजार में सफलता मिलने की संभावनाएं बनती है।

4. पंचमेश जब कर्म भाव या आय भाव में तब भी शेयर बाजार में सफलता मिल सकती है।

5. कर्मेश और पंचमेश दोनों में राशि परिवर्तन योग बन रहा हो तब भी व्यक्ति को

6. शेयर बाजार में धन लाभ होता है।

7. इसी प्रकार जब पंचमेश और आयेश में राशि परिवर्तन योग हो तब भी व्यक्ति

8. के जोखिम बाजार में सफल होने की संभावनाएं बनती है।

9. पंचम भाव का स्वामी धन भाव में हो और धन भाव का स्वामी पंचम भाव में हो तो

10. शेयर बाजार अच्छे लाभ दे सकता है।

11. पंचम भाव को पंचमेश, एवं लाभ भाव को लाभेश देखता हो तो शेयर बाजार में निवेश से लाभ के संकेत मिलते है।

12. पंचमेश, आयेश और धनेश का त्रिकोण भाव में स्थित होना, लाभ होने का सूचक है।

13. भाग्येश और पंचमेश का राशि परिवर्तन योग भी व्यक्ति को लकी बनाता है और शेयर बाजार में व्यक्ति को किस्मत आजमाने के अवसर देता है।

14. लाभ भाव में राहु हो तो व्यक्ति को शेयर बाजार में धन लगाने से अच्छे लाभ मिल सकते है। इसके साथ ही पंचम भाव और पंचमेश दोनों पापप्रभाव से मुक्त होने चाहिए।

15. शुक्र भी धन कारक ग्रह है, कुंडली में शुक्र का बली अवस्था में होना, जिसमें वह बली हो सकता है या उच्चस्थ हो सकता है, अथवा केंद्र या त्रिकोण में स्थित हो सकता है। तब भी व्यक्ति को शेयर बाजार में अच्छी सफलता प्राप्त होती है।

16. राहु उच्चस्थ अवस्था में हो तो व्यक्ति आकस्मिक अवस्था में भी निर्णय लेने के योग्यता रखता है।

17. राहु शुभ ग्रहों के प्रभाव में हो और अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मुक्त हो तो व्यक्ति का शेयर बाजार में धन लगाना लाभकारी रहता है।

शेयर बाजार से संबंधित व्यक्तियों की कुंडलियों का विश्लेषण-

• शेयर बाजार में निवेशकर धन कमाने वालों में राकेश झुनझुनवाला का नाम विशेष है। इनका जन्म 05 जुलाई 1960 में मुंबई में हुआ। इस प्रकार इनका जन्म तुला राशि में हुआ। इनकी कुंडली में गुरु अपनी मूलत्रिकोण राशि धनु में शनि के साथ स्थित है। एकादश में राहु स्थित है।

पंचम भाव का स्वामी शनि पराक्रम भाव में धन के कारक गुरु के साथ होने के कारण अधिक मजबूत हो गए है। यहाँ से शनि तीसरी दृष्टि अपने पंचम भाव पर भी आ रही है, जिससे पंचम भाव भी मजबूत हो गया है। यहाँ द्वितीय भाव भावेश मंगल से दृष्ट होने के कारण शुभ और धन वृद्धि का सूचक है। इस योग ने इन्हें शेयर बाजार में सफलता दी।

• पोरिन्जु वेलिएथ ने भी शेयर बाजार में सफलता हासिल की। इनका जन्म 6 जून 1962 केरल राज्य के त्रिचुर में हुआ। कर्क राशि में चंद्र और राहु की युति है। इनकी कुंडली में चंद्र स्वराशि कर्क, मंगल स्वराशि, शनि स्वराशि में स्थित है। पंचम भाव पर पंचमेश मंगल की दृष्टि है। आयेश और व्ययेश दोनों में राशि परिवर्तन है।

• शेयर बाजार और हर्षद मेहता दोनों एक दूसरे से इतने अधिक जुड़ गए है की शेयर बाजार का नाम आते ही हर्षद मेहता का नाम जुबान पर आ जाता है और हर्षद मेहता का नाम आते ही शेयर बाजार याद आ जाता है।

29 जुलाई 1954, 10:20 मुंबई में इनका जन्म हुआ। इस जन्म विवरण के अनुसार इनका जन्म कन्या लग्न, कर्क राशि में हुआ। कुंडली में उच्चस्थ शनि स्थित है। यहाँ भी आयेश और व्ययेश दोनों एक साथ आय भाव में स्थित है।

भाग्येश विदेश भाव में स्थित है। दशम भाव में स्वराशि के बुध है और चतुर्थ भाव पर चतुर्थेश की दृष्टि होने से ये दोनों भाव बली हो गए है। यहां आय भाव, कर्म भाव, चतुर्थ भाव और धन भाव विशेष रूप से बल प्राप्त कर रहे है, इन योगों ने इन्हें अप्रत्याशित सफलता दी। अचानक से ऊपर उठने और फिर नीचे गिरने के लिए इन्हें जाना जाता है।

शेयर बाजार में सफलता हासिल करने के लिए निम्न उपाय करने उपयोगी रहते है-

• पन्ना रत्न धारण करना शेयर बाजार में सफलता दे सकता है।

• राहु रत्न गोमेद भी धारण किया जा सकता है।

• राहु मंत्र का सुबह शाम कम से कम एक माला जाप शुभता देता है।

• बुधवार और शुक्रवार के दिन आटे की गोलियाँ मछलियों को खिलाने से शेयर बाजार में निवेश के फल सकारात्मक रूप में मिलते है।

• नीले रंग का रुमाल रखने से राहु ग्रह की शुभता बढ़ती है।

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