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पीपली लाइव के सह निर्देशक महमूद फारूकी रेप के आरोप से बरी

अमेरिकी शोध छात्रा से रेप के मामले में बॉलीवुड की चर्चित फिल्म पीपली लाइव के सह निर्देशक महमूद फारूकी को हाईकोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया।

फारूकी ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष कड़ी कैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

हाईकोर्ट ने मुकदमा दर्ज कराने में देरी का कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से फारूकी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

जस्टिस आशुतोष कुमार ने फारूकी और दिल्ली पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद 1 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

रेप के दोषी ठहराए गए फारूकी ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट से निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान फारूकी के वकील ने शोध छात्रा द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उस दिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।

वकील ने मामला दर्ज होने से पहले अपने मुवक्किल और शोध छात्रा के बीच संदेशों के आदान-प्रदान का हवाला देते हुए दलील दी थी कि जनवरी 2015 से दोनों के बीच संबंध थे।

वारदात दो वर्ष पहले हुई थी

दल्लिी पुलिस के अनुसार, कोलंबिया निवासी 30 वर्षीय पीड़िता जून 2014 में दिल्ली आई थी। वह गोरखपुर में अपने शोध के लिए संपर्कों की तलाश में थी।

इसी दौरान वह एक दोस्त के जरिए फारूकी के संपर्क में आई। फारूकी ने उसे 28 मार्च, 2015 को सुखदेव विहार स्थित अपने घर पर खाने के लिए बुलाया।

रात 9 बजे जब पीड़िता फारूकी के घर पहुंची तो वह काफी नशे में थे और इसी दिन उन्होंने पीड़िता से रेप किया।

इस मामले में न्यू फ्रेंडस कॉलोनी थाने में शोध छात्रा की शिकायत पर 19 जून 2015 को मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद फारूकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

मामले में कब क्या हुआ 

फारूकी के खिलाफ 19 जून 2015 को मामला दर्ज

29 जुलाई, 2015 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल

09 सितंबर, 2015 को ट्रायल शुरू

29 जुलाई, 2016 को अदालत ने फारूकी को दोषी करार दिया

04 अगस्त, 2016 को निचली अदालत ने फारूकी को 7 साल कैद की सजा सुनाई

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