बिल्हा में सीधी टक्कर, बिलासपुर में मजबूती से टिका है भगवा परचम

बिल्हा विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र

बिल्हा में कांग्रेस के सामने

होगी दोहरी चुनौती 

अमर का गढ़ ढहाने कांग्रेस

को चेहरे की तलाश

सियाराम कौशिक

अमर अग्रवालछत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद जिन सीटों पर उलटफेर वाले नजीते आते रहे हैं उन सीटों पर बिलासपुर जिले की बिल्हा सामान्य विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट पर बारी-बारी से कांग्रेस व भाजपा के विधायक चुन कर विधानसभा में पहुंचते रहे हैं। वर्तमान में यहां से सियाराम कौशिक विधायक चुने गए हैं।
वहीं बिलासपुर सामान्य सीट पर पिछले तीन चुनाव में भाजपा का कब्जा बना हुआ है। यहां से भाजपा सरकार के आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल लगातार तीन बार जीत का रिकार्ड बना चुके हैं। इस बार भी भाजपा उन्हें अपना उम्मीदवार बना सकती है।

रायपुर: बिल्हा सामान्य सीट पर साल 2003 में कांग्रेस ने सियाराम कौशिक को अपना उम्मीदवार बनाया था। जिन्होंने ने सीधे मुकाबले में वर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक को 6551 मतों से हराया। कांग्रेस के सियाराम कौशिक को 48028 मत मिले वहीं भाजपा के धरमलाल कौशिक को 41477 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 में इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार को जीत मिली वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के धरमलाल कौशिक ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस सियाराम कौशिक को 6070 मतों से हराया। इस चुनाव में भाजपा के धरमलाल कौशिक को 62517 मत मिले वहीं कांग्रेस के सियाराम कौशिक को 56447 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बिल्हा विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने फिर उलटफेर करते हुए कांग्रेस को जीत दिला दी। वहीं भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरे सियाराम कौशिक को मैदान में उतारा था वहीं भाजपा ने धरमलाल कौशिक को अपना उम्मीदवार बनाया।

इस चुनाव में कांग्रेस के सियाराम कौशिक ने सीधे मुकाबले में भाजपा के धरमलाल कौशिक को 10968 मतों से हराया। कांग्रेस के सियाराम कौशिक को 83598 मत मिले वहीं भाजपा के धरमलाल कौशिक को 72630 मतों से संतोष करना पड़ा।

आमागी चुनाव में भाजपा की ओर से धरमलाल कौशिक पार्टी का चेहरा हो सकते हैं वहीं कांग्रेस की टिकट पर जीते सियाराम कौशिक कांग्रेस से अलग होकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। ऐसे में कांग्रेस के सामने बिल्हा विधानसभा में प्रत्याशी चयन को लेकर परेशानी बनी हुई है। वहीं उसे अपनी सीट बचाए रखने के लिए भाजपा की चुनौती से भी निपटना होगा।

बिलासपुर में जोगी कांग्रेस बड़ा फैक्टर

सामान्य वर्ग की सीट बिलासपुर में पिछले तीन चुनाव में भाजपा का कब्जा रहा है। साल 2003 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा ने छत्तीसगढ़ में भाजपा का चेहरा रहे स्व. लखीराम अग्रवाल के पुत्र अमर अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस को हार सामना पड़ा। भाजपा के अमर अग्रवाल ने कांग्रेस के अनिल टाह को सीधे मुकाबले में 5843 मतों से हराया। भाजपा के अमर अग्रवाल को 61154 मत मिले वहीं कांग्रेस के अनिल टाह को 55311 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरे को ही चुनावी मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत की बाजी भाजपा के पक्ष में रही। भाजपा के अमर अग्रवाल ने
अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी अनिल टाह को सीधे मुकाबले में 9676 मतों से हराया। भाजपा के अमर अग्रवाल को 60784 मत मिले वहीं कांग्रेस के अनिल टाह को 51408 मतों से संतोष करना पड़ा।

साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए वाणी राव को मैदान में उतारा था, पर कांग्रेस की चाल कामयाब नहीं हो सकी। कांग्रेस को इस बार भी हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के अमर अग्रवाल लगातार तीसरी बार कांग्रेस उम्मीदवार को हराने में कामयाब रहे। भाजपा के अमर अग्रवाल ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस की वाणी राव को 15599 मतों से हराया। भाजपा के अमर अग्रवाल को 72255 मत मिले वहीं कांग्रेस की वाणी राव को 56656 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में भाजपा अपने कद्दावर मंत्री और लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने वाले अमर अग्रवाल को फिर से मैदान में उतारेगी वहीं कांग्रेस के आगे भाजपा के गढ़ को ढहाने की चुनौती होगी। इस बार जोगी कांग्रेस भी मैदान में है। जोगी कांग्रेस ने बिलासपुर विधानसभा सीट पर बृजेश साहू को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

बता दें बिलासपुर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का गृह जिला है। इस नाते बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में उनकी पकड़ कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए परेशानी खड़ी करने वाली साबित होगी। वहीं कांग्रेस के आगे भाजपा के गढ़ को ढहाने की चुनौती। कयास लगाए जा रहे हैं कि जोगी कांग्रेस और कांग्रेस में मची रार की बीच भाजपा अपनी जीत दोहरा सकती है। फिलहाल कांग्रेस किसे अपना उम्मीदवार बनाती है यह आने वाला वक्त में साफ हो सकेगा।

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