छत्तीसगढ़

कबीरधाम जिले के किसानों को वाजिब हक दिलाने पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान पर कड़ी निगरानी

हिमांशु सिंह ठाकुर:

कवर्धा: छत्तीसगढ़ की प्रवेश द्वार चिल्फी से 10 किलोमीटर पहले धवईपानी में पड़ोसी राज्यो से आने वाले धान के अवैध परिवहनों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर गति अवरोधक बनाई गई है। धवईपानी छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के आखिरी वनांचल ग्राम है। यहां धान के अवैध परिवहनों को रोकने के लिए अन्तर्राज्यीय चेक पोस्ट बनाया गया है।

कलेक्टर अवनीश कुमार शरण, पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह और जिला पंचायत सीईओ श्री विजय दयाराम के. ने संयुक्त रूप से धवईपानी अन्तर्राज्यीय चेक पोस्ट का निरीक्षण किया। कलेक्टर शरण ने कहा कि जिले के सभी चेकपोस्ट पर चौबीस घंटे कड़ी निगरानी रखे, जिससे कि धान के अवैध परिवहनों पर रोक लगे और जिले के किसानों को समर्थन मूल्य का कि लाभ शत-प्रतिशत किसानों को मिल सके।

उन्होंने कहा कि पूर्व में धान खरीदी के लिए जारी टोकन के आधार पर किसानों का शत-प्रतिशत धान की खरीदी की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए यह टोकन जारी किए जा रहे है, ताकि सभी किसानों को पूरा लाभ मिल सके।

यहाँ बताया गया कि समीपवर्ती राज्यों से आने वाले धान के अवैध परिवहनों को रोकने के लिए कबीरधाम जिले में 10 सीमावर्ती क्षेत्रों खारा, पंडरिया खुर्सीपार, मेडवाटोला, सरईसेत, बरेण्डा बितली, सिवनीखुर्द (कोसाटोला), सिवनीखुर्द(खुटाटोला), तरमा, बरबसपुर भालूझोला, झलमला छदमपुर, चिल्फी, धवईपानी, अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट तैयार किया गया। इसके अलावा मैदानी इलाकों में पांच चेक पोस्ट बनिया, नरोधी, दशरंगपुर, चुचरूंगपुर, सिवनीखुर्द, में सतत निगरानी रखी जा रही है।

प्रदेश के किसानों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि है। राज्य सरकार पूरा धान खरीदेगी। किसानों को समय पर भुगतान हो रहा है। धान खरीदी के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों से वे दूर रहें।

मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर धान खरीदी की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने राज्य के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने अधिकारियों के साथ सोमवार सुबह पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगे इलाकों के साथ ही कबीरधाम जिले के धान खरीदी केंद्र का औचक अवलोकन किया था।

यहाँ यह भी बताया गया की प्रदेश में आज तक किसानों को एक हजार पांच करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वही कबीरधाम जिले में पिछले सात दिनों की भीतर लगभग सात करोड़ की धान कि खरीदी हो चुकी है। जिले के रेंगाखार में किसान ने बताया कि मोबाइल में पैसे खाते में जमा होने का मैसेज आया है।

किसान किसी भी प्रकार के अफवाह या भ्रामक बातों में ना आए

धान खरीदी अभियान के तहत किसानों से केन्द्र द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। केन्द्र शासन द्वारा कॉमन धान के लिए 1815 और ग्रेड-ए धान के लिए 1835 रूपए का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। खरीदी की रकम किसानों के खाते में सीधे जमा की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार द्वारा अपने घोषणा पत्र में किए गए वायदे के अनुरूप प्रति क्विंटल 2500 रूपए धान की कीमत देगी। समर्थन मूल्य में धान की खरीदी के बाद अंतर की राशि का भुगतान नई योजना बनाकर किसानों के खाते में किया जाएगा।

यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रति एकड़ 15 क्विंटल के मान से धान खरीद रही है। किसान किसी भी प्रकार के अफवाह या भ्रामक बातों में ना आए और निश्चिंत होकर धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने जाए। किसानों से आग्रह किया है कि धान खरीदी केन्द्रों में धान लाते वक्त यह देख ले कि धान में नमी का प्रतिशत निर्धारित सीमा से अधिक ना हो।

समितियों में धान विक्रय के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नही होनी चाहिए

कलेक्टर शरण ने जिले के छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों का धान पहले खरीदने के निर्देश उपार्जन केन्द्र प्रभारियों को दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में धान खरीदी के लिए जारी टोकन के आधार पर किसानों का शत प्रतिशत धान की खरीदी की जाएगी।

किसानों के सुविधा के लिए यह टोकन जारी किए जा रहे है, ताकि सभी किसानों को पूरा लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारियों, खाद्य अधिकारियों, तहसीलदारों और समिति प्रबंधकों को स्पष्ट रूप से कहा है कि समितियों में धान विक्रय के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नही होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान बोड़ला एसडीएम विनय सोनी, एसडीओपी एवं राजस्व विभाग के तहसीलदार विशेष रूप से उपस्थित थे।

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