दो टूक (श्याम वेताल) : राहुल के दौरे से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल

कर्नाटक की सत्ता गंवाकर और सत्ता के खेल में भाजपा से हारकर आज छत्तीसगढ़ पहुंचे राहुल गांधी अंदर से क्षुब्ध लेकिन बात-बर्ताव में पूर्ण संयत दिखलाई पड़े. रायपुर और कोटमी में उनके भाषणों से स्पष्ट था कि वह आने वाले लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की विजय के प्रति पूर्ण आश्वस्त हैं.

रायपुर के भाषण में उन्होंने कर्नाटक का थोड़ा जिक्र जरूर किया लेकिन सत्ता न पा सकने का मलाल नहीं था मानो वे पहले से जानते हो कि भाजपा की तिकडमबाजी से कांग्रेस पार नहीं पा सकेगी. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या हुई है. एक और कांग्रेस एवं जेडीएस के विधायक रहे तो दूसरी और राज्यपाल. उन्होंने न्यायपालिका और जनता के बीच फैले डर का उल्लेख प्रमुखता से किया और सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए कहा कि डर के मारे यह लोग काम नहीं कर पा रहे हैं. राहुल गांधी संकेतों में बता रहे थे कि केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा ने सभी को डरा कर रखा है.

कोटमी में राहुल की मौजूदगी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और एकता परिषद के साथ कांग्रेस के गठबंधन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार को किसान विरोधी करार दिया. उन्होंने ऐलान किया कि 2019 में देश पर कांग्रेस की सरकार राज करेगी और सरकार आते ही सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ करेगी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ कर्ज माफ कर सकती है लेकिन किसानों का कर्ज माफ करने की सुध नहीं ले रही है. राहुल ने छत्तीसगढ़ सरकार को भी खूब लपेटा और कहा कि इस राज्य में खनिज संपदा है, भरपूर पानी है लेकिन यहां का गरीब आदमी गरीब ही बना हुआ है. यहां के किसानों से जो वादा किया जाता है वह पूरा नहीं होता.

राहुल के छत्तीसगढ़ दौरे पर प्रदेश भाजपा की पूरी नजर रही राहुल कहां क्या बोल रहे हैं गहराई से गौर किया जा रहा था. राहुल रायपुर में भाषण कर सरगुजा की ओर रवाना हुए भी नहीं थे कि प्रदेश भाजपा के दो नेताओं की प्रतिक्रियाएं मीडिया के पास पहुंच गई. मानों पार्टी ने इस काम के लिए उनकी ड्यूटी ही लगा रखी हो. पार्टी में भाजपा की इस त्वरा को देखकर लगता है कि पार्टी में राहुल के दौरे का खौफ छाया था.

राहुल जब कोटमी में सभा कर रहे थे लगभग उसी समय कुछ किलोमीटर दूर पेंड्रा में पुराने कांग्रेसी और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की सभा चल रही थी. देखने वालों का कहना था कि जोगी जी की सभा में राहुल की सभा से कहीं ज्यादा भीड़ थी. अजीत जोगी ने भी अपने भाषण में दावा किया कांग्रेस की सभा से उनकी सभा में 10 गुना ज्यादा भीड़ जुटी है. हालांकि पहले उन्होंने 4 गुना ज्यादा ही बोला था लेकिन किसी ने उनको सुधारा तब वह 10 गुना भीड़ बोले. “सरकार बदलने आया हूं” का नारा लेकर चले अजीत जोगी ने राज्य सरकार की कमियां गिनाई, वही उनके पुत्र अमित जोगी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह पर आरोप लगाया कि राज्य की जनता ने रमन सिंह के तीन रूप देखे हैं – भ्रमण सिंह, दमन सिंह और कमीशन सिंह. अमित बोले रमन सिंह 15 सालों में पूरी दुनिया घूम आए पर राज्य में एक निवेशक भी नहीं ला पाए. अमित का कहना था कि भाजपा केवल सपने दिखाती है और कांग्रेस के नेता खुद सपने देखते हैं. मुख्यमंत्री बनने के. 13-13 नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं लेकिन हमारी पार्टी राज्य की जनता के सपने पूरा करना चाहती है. अमित जोगी का भाषण प्रभावशाली रहा.

खैर, आज का दिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और जोगी की पार्टी के नाम रहा भाजपा दोनों दलों की गतिविधियों को दर्शक की भांति देखती रही. राहुल के दौरे से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है. राहुल विधानसभा चुनाव तक हर महीने यदि छत्तीसगढ़ आते हैं तो निश्चित रुप से भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकते हैं और कांग्रेस को जीत के रास्ते पर ले जा सकते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के इस दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी एक नए उत्साह का संचार हुआ है.

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