राष्ट्रीय

खेतों से उगती काँग्रेस की मजबूत उम्मीदें-अरसे बाद बूथ स्तर तक मजबूत होती दिख रही काँग्रेस

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

उत्तर प्रदेश की बंजर पड़ी जमीन फिर से उर्वरा से भरपूर नजर आने लगी है, काँग्रेस पार्टी का वनवास जो खत्म होने का नाम नही ले रहा था लग रहा है कि अब धीरे धीरे समाप्ति की ओर अग्रसर है, और संगठन अपने पुराने गौरव शाली दिन की तरफ अग्रसर है,सर्व विदित है कि उत्तर प्रदेश काँग्रेस बहुत दिनों से अपनी खोयी हुयी जमीन प्राप्त करने के लिये प्रयास रत है,जो कि अब जमीन पर दिखने लगा है, प्रदेश प्रभारी महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के संयोजन में न्याय पंचायत स्तर पर बैठकों का दौर जारी है,और बहुत सोच समझकर ही पार्टी के प्रति निष्ठावान और सक्रिय लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है, विगत कई महीनों से काँग्रेस लगातार जनता के साथ कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आन्दोलनरत है,सोनभद्र से लेकर हाथरस तक पार्टी जमीन पर लड़ती दिख रही है, श्रीमती प्रियंका गाँधी खुद इन आन्दोलनों की अगुवाई करती दिखी, जिसके परिणामस्वरूप आम कार्यकर्ता भी उत्साह से लवरेज दिख रहा है-

हाथरस घटना में जिस तरह यू पी पुलिस ने काँग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी और महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी के साथ बदसलूकी की उससे आम कार्यकर्ता के मन में एक आक्रोश ने जन्म लिया,

किसान आन्दोलन से पार्टी जनता में मजबूती से पैठ बनाती दिख रही है-

केन्द्र सरकार द्वारा किसान अध्यादेश के खिलाफ पूरे देश में किसानों द्वारा किये जा रहे आन्दोलन में पार्टी के सर्मथन से गाँव देहात में एक नया संदेश पहुँच रहा है, चरणबद्ध तरीके से जिले और ब्लाक स्तर पर पार्टी आन्दोलनरत है, पूर्वाचंल की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले डाक्टर हीरालाल कहते हैं-बहुत दिनों बाद काँग्रेस पार्टी धरातल पर संघर्ष करती नजर आ रही है, जिसका व्यापक असर जनता पर हो रहा है,और यही एक मात्र रास्ता है जिससे काँग्रेस फिर से प्रदेश में वापसी कर सकती है” समय समय पर प्रियंका गाँधी खुद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बात करती हैं ,और आवश्यक दिशा निर्देश देती रहती हैं, वरिष्ठ पत्रकार पंकज पाण्डेय कहते हैं -प्रदेश अध्यक्ष का इंकलाबी तेवर कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहा है , जो कि संगठन में संजीवनी का काम कर रहा है, यूपी की लड़ाई वैसे भी काँग्रेस के लिये आसान नही है, बहुत सालों से सत्ता से निर्वासित काँग्रेस की लड़ाई भाजपा के साथ साथ जातीय तिलिस्म से भी है, क्षेत्रीय पार्टियाँ इसी से मजबूत हुयी हैं, लेकिन एक बात तय है कि मजबूत संगठन के धरातल पर पार्टी प्रदेश में वापसी के लिये संघर्षरत है, प्रियंका गाँधी के निजी सचिव संदीप सिंह भी सक्रियता से संगठन निर्माण में जान फूँकने का कार्य कर रहे हैं

कुल मिलाकर काँग्रेस व्यवस्थित तरीके से संगठन के माध्यम से प्रदेश में अपनी शसक्त उपस्थिति दर्ज कराती नजर आ रही है, यह बात भाजपा के नेता भी दबी जुबान स्वीकार करने लगे हैं,नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय प्रदेश ईकाई के बड़े नेता ने बताया कि हमारी वास्तविक चिंता काँग्रेस का बढ़ता प्रभाव ही है, यह बात पार्टी फोरम पर आने लगी है,
प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू जिस तरह से सड़क पर संघर्ष करते दिख रहे हैं उससे कहीं न कहीं आम काँग्रेसी उत्साहित है, बहुत दिनों बाद बूथ निर्माण की वास्तविक प्रकिया कागजों से इतर जमीन पर दिख रही है ,जो कि पार्टी के लिये शुभ संकेत है,

लेकिन रास्ता इतना भी आसान नही है, कई वर्षों से सत्ता से दूर काँग्रेस को फिर से स्थापित होने के लिये अभी लंबा रास्ता तय करना है, प्रियँका गाँधी की टीम ने शुरुआत अच्छी किया है अगर सम्न्वय बनाकर सफर तय करें तो आश्चर्य नही होगा जब आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button