दिल्ली

7 घंटे तक कार में फंसे रहे, दो बच्चों की मौत

कैब ड्राइवर की जरा सी लापरवाही की कीमत दो मासूमों को जान देकर चुकानी पड़ गई। वह कैब को घर में खड़ी करके ऊपर चला गया। पीछे से उसका 4 साल का बेटा और 6 साल का भानजा खेलने के लिए कैब में बैठ गए। ऊपर जाकर पिता को ध्यान आया कि उसने कार लॉक नहीं की इसलिए उसने रिमोट से कार को लॉक कर दिया। देर तक कैब में बंद रहने से बच्चों की मौत हो गई। डीसीपी आउटर पंकज सिंह ने सान्ध्य टाइम्स को बताया कि जांच में बच्चों की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आ गई है।

यह दर्दनाक वाकया आउटर दिल्ली के रणहौला एरिया में कल सामने आया। पुलिस ने पहले इस मामले में बच्चों के परिवार वालों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था।

बच्चों की बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही थी लेकिन किसी ने कैब नहीं चैक की। अब पुलिस ने कैब को सीएफएसएल के पास जांच के लिए भेज दिया है। हुआ यह कि दास गार्डन में रहने वाले राजू ओला कैब चलाते हैं।

बुधवार दोपहर वह कैब से घर लौटे और गाड़ी खड़ी करके ऊपर चले गए। इस दौरान वह गाड़ी लॉक करना भूल गए। ऊपर कमरे में जाकर याद आया तो सेंटर लॉकिंग से कार बंद कर दी। इस बीच राजू का बेटा सोनू और भानजा राज खेलते हुए गाड़ी के अंदर चले गए थे। गाड़ी में एसी ऑन था। अनुमान है कि ठंडक की वजह से बच्चे अंदर ही सो गए। कार बंद हो चुकी थी। उधर, बच्चों को न पाकर घरवालों ने उन्हें ढूंढना शुरू कर दिया। पुलिस को कॉल की गई। पुलिस भी बच्चे की तलाश में लग गई। गलियों में बच्चों को ढूंढा जाने लगा। दूर दूर तक तलाश के बाद भी जब बच्चे नहीं मिले तो कैब निकालकर बाहर तलाश करने की बात हुई। जैसे ही गाड़ी खोली तो देखा कि दोनों बच्चे सीट के नीचे गिरे हुए हैं। तुरन्त उन्हें तारक हॉस्पिटल ले जाया गया जहां बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने बॉडी का पोस्टमॉर्टम कराया और इन्हें परिवार को सौंप दिया। राजू मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। पूरा परिवार अब बिहार जा चुका है। पुलिस ने कैब को सीएफएसएल के पास जांच के लिए भेज दिया है।

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