खराब खाने को लेकर छात्रों ने मचाया बवाल, कुलाधिपति से की शिकायत

पवन चतुर्वेदी

बिलासपुर।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में घटिया खाने को लेकर गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर छात्रावास के लड़कों ने सोमवार की रात एक बार फिर कच्ची सब्जी और बासी रोटी परोसे जाने पर जमकर हंगामा मचाया। छात्रों के बवाल मचाने पर हास्टल वार्डन मामले को संभालने की बजाय धमकी देने पर उतारु हो गए और विभागाध्यक्षों से शिकायत की बात कहने लगे।

मामले की जानकारी होने पर छात्र परिषद के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों का गुस्सा शांत कराया और फिर से भोजन बनाकर देने के बाद छात्र शांत हुए। छात्र परिषद ने पूरे मामले की जानकारी से कुलाधिपति को अवगत कराते हुए इसके निराकरण की मांग की है। दरअसल सीयू प्रबंधन और छात्रों के बीच घटिया खाने को लेकर चल सही रस्साकशी कोई आज की बात नहीं है।

करीब तीन-चार वर्षों से छात्रों और प्रबंधन के बीच भोजन को लेकर आए दिन अप्रिय स्थिति निर्मित होती रहती है। पिछले वर्ष भी खराब भोजन परोसे जाने पर छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया था और अधिकारियों की कार तक तोड़ दी थी। प्रशासन ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की थी लेकिन मामला अभी की जस का तस बरकरार है।

सोमवार को क्यों गुस्साए छात्र सोमवार की रात भीमराव अंबेडकर हास्टल में छात्रों को आलू कुंदरु की कच्ची सब्जी और सुबह की बची हुई बासी रोटी परोसी गई। इस पर छात्र भड़क गए और हास्टल वार्डन डा पारिजात ठाकुर को बुलाया। बाद में मामले की जानकारी होने पर छात्र कल्याण अधिष्ष्ठता डा एमएन त्रिपाठी और प्राक्टर डा बिशन सिंह राठौर भी पहुंच गए।

अधिकारियों ने व्यवस्था संभालने की बजाय छात्रों को धमकाना शुरु कर दिया और विभागाध्यक्षों से शिकायत की बात कही। इस पर छात्रों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने कहा पहले ये खाना खाकर बताएं कि क्या ये खाने लायक है। अधिकारियों ने खाने से इंकार करने पर छात्रों ने फिर से भोजन बनाने की बात कही। काफी जहद के बाद छात्रों को देर रात भोजन मिल पाई।

छात्र परिषद ने कुलाधिपति से की शिकायत छात्र परिषद के पूर्व अध्यक्ष उदयन शर्मा एवं मेघेंद्र शर्मा ने इस पूरे मामले की जानकारी से कुलाधिपति अशोक गजानन मोडक को अवगत कराने के लिए मेल भेजा है। छात्रों की मांग है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय सरीखे संस्थान में अगर छात्रों को स्तरीय भोजन नहीं मिलेगा तो छात्र पढ़ाई पर फोकस कै से कर पाएंगे। छात्रों ने ये भी कहा है कि मेस चार्ज में वृद्धि किए जानेके बाद भी भोजन के लिए इस प्रकार का संघर्ष विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करता है।

इस मामले में शीघ्र ही कोई ठोस एक्शन लें। लापरवाही का पहला मामला नहीं है मेस में लापरवाही की ये पहला मामला नहीं है। विवेकानंद छात्रावास में भी खाने की गुणवत्ता को लेकर काफी हंगामा हो चुका है। मामले की शिकायत करने और वीडियो बनाने पर सस्पेंड करने की धमकी दी जाती है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए ये शर्मनाक है।
उदयन शर्मा पूर्व अध्यक्ष छात्र परिषद

Back to top button