छत्तीसगढ़

पढ़ई तुंहर द्वार : अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन

विकासखंड अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन कर ग्रुप बना कर ऑनलाइन पढ़ाई संबंधित विषय के शिक्षकों के द्वारा कराई जा रही है।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा पढ़ई तुंहर द्वार कार्यक्रम चलाया जा रहा है,जिसमे विकासखंड अम्बिकापुर के अंतर्गत सभी संकुलों की सभी शासकीय शालाओं में बच्चे उत्साह से घर मे रह कर पढ़ाई कर रहें है। विकासखंड अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन कर ग्रुप बना कर ऑनलाइन पढ़ाई संबंधित विषय के शिक्षकों के द्वारा कराई जा रही है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी योगेश मिश्रा ने बताया कि स्कूल के बच्चों को निम्न तीन माध्यम –

1. सीजी स्कूल डॉट इन के पोर्टल के जरिये,

2.व्हाट्सएप के जरिये तथा

3.वेबक्स एप्प के live प्लेटफॉर्म के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाती है तथा उनसे होमवर्क दे कर उनके शंका के प्रश्नों को शिक्षकों के द्वारा हल किया जाता है।

प्राथमिक शाला कुबेरपुर की शिक्षिका गौरी शर्मा अभी प्रतिदिन वेबक्स के माध्यम से ऑनलाइन कक्षा लेतीं है और बतातीं है कि पढ़ई तुंहर द्वार योजना जब से शुरू की गई है स्कूल के छात्र-छात्रओं व शिक्षक एक नई उत्साह से पढ़ाई कर रहे है,

बच्चे सोशल डिस्टेंस का रूल फॉलो करते हुए निरंतर पढ़ाई कर रहे है, प्राथमिक शाला आमादरहा की शिक्षिका शशिकला कुजूर मैडम ने पढ़ई तुंहर द्वार योजना के द्वारा पढ़ाई करने को एक नया अनुभव बताया है,उन्होंने बताया कि बच्चों व पालकों में मोबाईल के द्वारा पढ़ाई करना बहुत ही रुचिकर लगता है,साथ ही इन्होंने संकुल समन्वयक मोहम्मद सलीम खान राही का मार्गदर्शन सदैव मिलने की बात कही।

सहयोगी शिक्षक शिक्षिका प्रतिदिन होमवर्क देना

 

विकासखंड के संकुल केंद्र मेंड्राकला से प्रधान पाठक विजय भूषण साहू शिक्षिका रीना गुप्ता संध्या विश्वकर्मा एवं सहयोगी शिक्षिका तथा माध्यमिक शाला भीठी कला के प्रधान पाठक विनोद कुमार तिवारी शिक्षक सुबोध सिन्हा उनके सहयोगी शिक्षक शिक्षिका प्रतिदिन होमवर्क देना जांच करना एवं ऑनलाइन जुड़कर क्लास लेने का कार्य उत्साह पूर्वक कर रहे हैं तथा पालकों से संपर्क कर इस मुश्किल दिवस में बच्चों के अध्यापन का उचित माध्यम बताकर प्रोत्साहित किया जा रहा है जिसमें अधिकांश पालक का सहयोग प्राप्त हो रहा है ,इस कार्य मे संकुल समन्वयक दिनेश शुक्ला का मार्गदर्शन संकुल के समस्त शिक्षकों,पालकों तथा विद्यार्थियों को प्राप्त हो रहा है।

पढ़ई तुंहर द्वार : अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन

इसके अलावा विकासखंड में गुरु तुझे सलाम नाम से सोशल मीडिया में हैशटैग अभियान भी चलाया जा रहा है जिसमे शिक्षक कर्मचारी अपने किये जा रहे कार्यों को लिख कर अपनी फोटो को हैश टेग के साथ विभिन्न सोशल मीडिया एकाउंट से शेअर करते है साथ ही पालक व विद्यार्थी भी अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया में गुरु तुझे सलाम हैशटेग का उपयोग करके अपनी तस्वीर डालते है,उक्त हैशटेग का प्रारंभ माननीय शिक्षामंत्री जी के द्वारा किया गया है।प्रधानपाठीका उमा अम्बष्ट व शशिकला कुजूर जी ने भी इस अभियान की तारीफ की और अपनी तस्वीर साझा की।

शिक्षक और पालकों के बीच के लिंक को मजबूत करने अभियान

शिक्षक और पालकों के बीच के लिंक को मजबूत करने के लिए यह अभियान है और अधिक से अधिक शिक्षक साथी ,पलकों से बात कर उन्हें उनके बच्चों के लिए विभिन्न सामग्री को सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराते हुए उनके सीखने को जारी रखते हुए अपना संकल्प दोहरा रहे है कि इस लॉक डाउन के पीरियड में वह अपने पालकों के साथ हैं और उन्हें यथासंभव अपने विद्यार्थियों को अर्थात उनके बच्चों को घर पर रहकर सीखने के लिए मदद कर रहे हैंपढ़ई तुंहर द्वार : अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन

इन सब कार्यों से शिक्षक,पालक और बच्चों का मन भी पढ़ाई में ज्यादा लगता है,जिन बच्चों के पालकों के पास मोबाइल है वे अपने पड़ोस के मोबाईल विहीन पलकों के बच्चों की मदत भी करतें है और पारी पारी से मोबाईल का उपयोग कर अपनी पढ़ाई को पूरा करतें है।

पढई तुंहर द्वार के सफल संचालन हेतु विकासखंड अम्बिकापुर बी.ई.ओ. योगेश मिश्रा तथा बी.आर.सी. संजीव भारती जी का मार्गदर्शन समय समय पर सदैव सभी संकुल के सभी शिक्षकों को प्राप्त होते रहता है।

पढ़ई तुंहर द्वार : अम्बिकापुर में वर्चुअल क्लास का गठन

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