तेजस्वी यादव ने कहा नीतीश के साथ महागठबंधन असंभव

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को दो टूक कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर वह महागठबंधन के किसी अन्य दलों के दबाव में भी नहीं आएंगे। बता दें कि तेजस्वी का यह बयान तब सामने आया है कि जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एक दिन पूर्व सोमवार को दिए अपने बयान में नीतीश को सशर्त महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान किया और यहां की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।’

उन्होंने आगे कहा, ‘जनता को ठगने वाले और 36 घोटालों में शामिल रहने वाले नीतीश की महागठबंधन में कोई जगह नहीं है। अगर नीतीश को महागठबंधन में शामिल कराया जाता है, तो यहां की जनता महागठबंधन को भी माफ नहीं करेगी।’

कानून-व्यवस्था पर नीतीश सरकार को घेरा : इस दौरान तेजस्वी ने बिहार में लचर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में जबरदस्त वृद्धि हुई है। तेजस्वी ने कहा कि कानून-व्यवस्था के खिलाफ वह एक साइकल रैली निकालेंगे जिसमें उनकी पार्टी के अलावा महागठबंधन में शामिल सभी दलों के लोग रहेंगे।

बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है। बिहार में एक तरफ जहां जेडीयू और बीजेपी में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव भी महागठबंधन को मजबूत करने में जुट गए हैं। उधर, सीटों के बंटवारे को लेकर जेडी (यू)-बीजेपी के बीच रार के बीच कभी नीतीश के बेहद करीबी रहे और फिर बाद में सियासी ‘दुश्मन’ बने मांझी ने उन्हें सशर्त महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दे दिया। मांझी ने कहा था कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो जाते हैं तो तेजस्वी यादव 2020 में सीएम पद का चेहरा हो सकते हैं।

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