सुब्रमणयम स्वामी ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

सुब्रमणयम स्वामी ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

बीजेपी के नेता सुब्रमणयम स्वामी ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की एफआईपीबी मंजूरी को कथित तौर पर गैरकानूनी बताते हुए मामला दायर किया है. साथ ही याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है. यह सौदा 2006 में हुआ था.

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि वे जल्द सुनवाई के लिए दायर याचिका पर विचार करेंगे. शीर्ष अदालत ने इससे पहले स्वामी से कहा था कि वह अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करें.
हालांकि, चिदंबरम ने स्वामी की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया है.

स्वामी ने इससे पहले अदालत में बहस के दौरान कहा था कि तत्कालीन वित्त मंत्री ने सौदे को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) के पास भेजे बिना ही विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी प्रदान कर दी थी.

बरी हो चुक हैं दयानिधि और कलानिधि मारण
हालांकि, 600 करोड़ रुपए से अधिक राशि के विदेशी निवेश प्रस्ताव को मंजूरी देने का अधिकार केवल सीसीईए को ही दिया गया था.
स्वामी का दावा है कि यह सौदा कुल मिलाकर 3,500 करोड़ रुपए का था और इसे तत्कालीन वित्त मंत्री ने एफआईपीबी मंजूरी दे दी जबकि इस प्रस्ताव को सीसीईए के पास भेजा जाना चाहिए थे.
एक विशेष अदालत ने इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन, उनके उद्योगपति भाई कलानिधि मारन और अन्य को आरोपमुक्त कर दिया.
सीबीआई और ईडी ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में और सौदे से जुड़ी मनी-लांड्रिंग मामले में इन सब को आरोपी बनाया था.

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