छत्तीसगढ़

गंभीर हृदय रोग से पीड़ित छात्रा डीगम का हुआ सफल ऑपरेशन

मनराखन ठाकुर:

पिथौरा: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्कूलों में कराए गए स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ पीड़ित विद्यार्थियों को मिल रहा है। ग्रामीण अंचल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव होने के कारण लोग बड़े शहरों में जाकर अपना समुचित उपचार नहीं करा पाते और गंभीर बीमारी से जूझते हुए जीवन से संघर्ष करते हैं।

स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन

दो वर्ष पूर्व शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसहीबाहरा में शिक्षक हेमन्त खुटे की व्यक्तिगत पहल से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन स्कूल परिसर में किया गया था जिसमें डॉ वीरेंद्र प्रजापति अपने स्टाफ के साथ पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया था।

श्री नारायणा हॉस्पिटल का सहयोग

जिसमें प्रारंभिक तौर पर 2 स्कूली बच्चे अंशु दीवान व डीगम कुमारी को हृदय रोग से ग्रसित पाया गया जिसमें से अंशु दीवान एवं डीगम कुमारी को जिला स्तरीय जांच शिविर श्री नारायणा हॉस्पिटल के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में लगाया गया था। शिविर में पधारे हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई।

चिरायु टीम के प्रभारी डॉ वीरेन्द्र प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया अभिभावकों को बीमारी की जानकारी होने के बाद भी ऑपरेशन के लिए तैयार नही हुए। शासन से मिलने वाली उपचार राशि एवं आने-जाने हेतु वाहन की निःशुल्क सुविधा से अवगत कराने के बाद भी उन्हें मनाने में कई माह गुजर गए।

शासन से मिलने वाली सहायता राशि स्वीकृत

इस बीच हमने शासकीय औपचारिकता पूर्ण की और शासन से मिलने वाली सहायता राशि स्वीकृत भी कराई। फिर मैंने शिक्षक हेमन्त खुटे से संपर्क किया । फिर दोनों के अथक प्रयासों से उनके अभिभावकगण को मनाने में सफल हुए।

पीड़ित बालिका का ऑपरेशन श्री नारायणा हॉस्पिटल में निःशुल्क

पीड़ित बालिका का ऑपरेशन रायपुर में 28 अगस्त को श्री नारायणा हॉस्पिटल में निःशुल्क हुआ। ऑपरेशन के बाद उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है औऱ घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रही है। चिरायु की टीम ने जब उसके स्वास्थ्य कुशल क्षेम की जानकारी के लिए उनके घर पहुंची तो सारा परिवार खुशी से हाथ जोड़कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

चना-मुर्रा बेचकर बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा

छात्रा के अभिभावक अमर सिंह निषाद ने कहा कि चना-मुर्रा बेचकर बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा कर रहे हैं। अगर चिरायु की टीम सही समय पर हमें जानकारी और सहयोग प्रदान नहीं करती तो गंभीर बीमारी से हमारी बच्ची को मुक्ति नहीं मिल पाती।

चिरायु टीम के प्रभारी आयुष अधिकारी डॉ वीरेंद्र प्रजापति ने कहा कि ऐसे नाजुक मामलों को लेकर मैं बहुत संवेदनशील था किन्तु उनके घर वाले स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नही थे। जिस कारण ऑपरेशन कराने में विलंब हो रहा था।

तब मैंने उस स्कूल के शिक्षक हेमन्त खुटे के साथ मिलकर परिजनों को समझाने के लिए उनके घर गए।बार-बार संपर्क अभियान जारी रहा। अंततः दोनों के संयुक्त प्रयास से आज बच्चों को नया जीवन मिला है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ मुकुंद राव के मार्गदर्शन में चिरायु दल को लगातार पीड़ित बच्चों के सफल ऑपरेशन के लिए सतत मार्गदर्शन मिल रहा है ।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ तारा अग्रवाल ने कहा कि चिरायु की टीम लगातार हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का सफल ऑपरेशन करा रही है।

सरकार द्वारा हृदय रोग से पीड़ित विद्यार्थियों के लिए जो निशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है इसके लिए हम लगातार लोगों को प्रेरित कर रहे हैं ।इसके लिए चिरायु टीम के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।

चिरायु टीम के प्रभारी डॉ प्रजापति के साथ फार्मासिस्ट लेखरंजन पटेल एवं ए एन एम राजकुमारी बंजारे व शिक्षक हेमन्त खुटे ने छात्रा के घर पहुँचकर उनका मनोबल बढ़ाया।

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