छात्र-छात्राओं में ऐसा जुनून, उफनती नदी को पार कर जाते हैं स्कूल

अरपा नदी को पार कर रोजाना स्कूल जाना इनकी दिनचर्या में शामिल है

बिलासपुर। कोटा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहली के आश्रित ग्राम छपरापारा, बगबुड़, लठौरा और बरनाला जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले बैगा आदिवासी बहुल गांव हैं।

यहां के बच्चों में पढ़ाई के प्रति ऐसा जुनून है कि उफनती नदी की भी परवाह नहीं करते हैं। अरपा नदी को पार कर रोजाना स्कूल जाना इनकी दिनचर्या में शामिल है। इन चारों गांव में स्कूल नहीं है। यहां के बैगा बच्चे पढ़ाई करने चार किलोमीटर दूर ग्राम खोंगसरा आते हैं।

खोंगसरा मिडिल स्कूल में इन गांव के तकरीबन 40 बच्चे पढ़ाई करते हैं। 40 में से 25 बेटियां हैं। बारिश के दिनों में स्कूल आने में इनको सबसे ज्यादा परेशानी होती है। खोंगसरा और आश्रित ग्राम के बीच अरपा नदी बहती है।

नदी में पुल न बनने के कारण इनको नदी पार करना पड़ता है। बीते एक पखवाड़े से हो रही बारिश के कारण अरपा उफान पर है। बैगा बच्चा में पढ़ाई के प्रति जुनून ऐसा है कि अरपा के उफान और तेज धार की चिंता किए बिना कंधे पर स्कूल बैग लटकाकर नदी पार करते हैं।

नदी पार कर दो किलोमीटर पैदल चलते हैं और फिर स्कूल पहुंचते हैं। शाम के वक्त नदी को पार करना और भी डरावना हो जाता है।

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