सूडान : ब्रेड के दाम को लेकर सूडान में हुआ हिंसक प्रदर्शन

पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी।

सूडान में पिछले हफ्ते सरकार ने ब्रेड के दाम एक सूडानी पौंड से बढ़ाकर तीन पौंड कर दिया था। इसके बाद से वहां के लोगों में रोष है।

पिछले हफ्ते भी रोटी के दाम बढ़ने से गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए थे। प्रदर्शन के दूसरे दिन स्थिति अनियंत्रित होने से दंगा विरोधी पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी।

वहीं, अब यह प्रदर्शन और ज्यादा हिंसक हो गया है। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और सूडान की दंगा-रोधी पुलिस के बीच हुई झड़पों में 19 लोगों की मोत हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि मरने वालों में दो सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। सरकार ने इस सप्‍ताह की शुरुआत में रोटी की कीमत एक सूडानी पाउंड (करीब 1.41 रुपए) से बढ़ाकर तीन सूडानी पाउंड (4.43 रुपए) करने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि सूडान में भुखमरी एक बड़ी समस्या है।

देश में ईंधन की कीमत भी दोगुनी किए जाने की चर्चा है, जिससे लोगों को बेहद रोष है। यहां बुधवार से ही सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

पिछले बुधवार से हुए प्रदर्शन में गई थी छह की जान

ब्रेड के दाम बढ़ाए जाने के बाद पिछले हफ्ते बुधवार से देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पूर्वी शहर अल-कादारिफ, अल-तायेब अल-अमीनी ताह में छह लोग मारे गए थे, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

मारे गए लोगों में यूनिवर्सिटी का एक छात्र भी शामिल है। वह अल-कादरिफ में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल था। इस इलाके में स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई है।

उस वक्त सांसद मुबार अल नूर ने अधिकारियों से कहा था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का प्रयोग न करें।

सरकारी प्रवक्ता इब्राहिम मुख्तार ने कहा कि खारतौम से 400 किमी पूर्व में स्थित अतबारा शहर में दो अन्य प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति उमर अल-बाशिर के नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुख्यालय में आग लगा दी थी। इसके बाद अधिकारियों ने अतबारा में कर्फ्यू लगा दिया था।

अतबारा में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दो अन्य स्थानों पर NCP के मुख्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अल-कादरिफ में बैंकों पर पत्थर बरसाए और कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदर्शनकारी बाजार के पास स्थित सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्यालय पहुंचे और उसे भी आग लगा दी।

पिछले साल घोषित किया गया था अकाल

बताते चलें कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि यमन, नाइजीरिया, सोमालिया और दक्षिण सुडान में पंद्रह लाख बच्चे भुखमरी की कगार पर हैं।

अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान के कुछ हिस्सों में अकाल की स्थिती घोषित भी की गई थी।

पिछले छह सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि दुनिया में कहीं अकाल घोषित किया गया हो। गौरतलब है कि यह सबसे नया देश है, जो साल 2011 में बना।

पूर्व उप राष्ट्रपति रीक माचार और राष्ट्रपति साल्वा कीर के बीच लड़ाई से गृहयुद्ध शुरु हुआ। तीन साल से जारी लड़ाई ने यहां स्थिति बहुत खराब कर दी है।

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