किशोर न्याय आदर्श नियम- 2016 में संशोधन के मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) आदर्श नियम, 2016 में संशोधन के मसौदे पर सभी हितधारकों से टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंत्रालय ने सभी हितधारकों से अगले महीने की 11 तारीख तक अपने सुझाव देने का अनुरोध किया है। ई-मेल आईडी [email protected] पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2021 इस साल 28 जुलाई को राज्यसभा में पारित किया गया था। इस विधेयक के जरिए किशोर न्याय अधिनियम 2015 में संशोधन किया गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विधेयक पेश करते हुए व्यवस्था में कमियों के मद्देनजर कमजोर बच्चों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपने की आवश्यकता पर जोर दिया था। अधिनियम के अंतर्गत जिलाधिकारियों को इसके सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के पक्ष में समन्वित प्रयास करने के लिए और अधिक अधिकार दिए गए हैं।

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