आईपीएस राहुल शर्मा का सुसाइड केस, परत दर परत अब खुल रहा फरार जीपी सिंह के अनसुने राज, अब सीबीआई के पूर्व मजिस्ट्रेट ने किया चौकाने वाला खुलासा, जानिए सब कुछ क्लीपर 28 न्यूज़ पर

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़/रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में इन दिनों बस एक ही चर्चा चल रही हुई है। न्यूज पेपर की खबरों में। और वो है। निलंबित आईपीएस जीपी सिंह। उनके द्वारा की गई क्राइम और भ्रष्टाचार की स्टोरी से सोसल मीडिया से लेकर अखबारों तक सब कुछ पट गया हुआ है। अब तो दिन भर जीपी सिंह के भ्रष्टाचार की बस कहानी सुनने और सुनाने को बस बाकी भर रह गई हुई है। अब हर दिन एक नया राज सामने आ रहा हुआ है। जो इतने सालो और महीनों से दबा पड़ा हुआ था। किसी कोने में अंधेरी कोठरी में। ये मिलते हुए कुछ दस्तावेज कर किसी को सदमे मे ला रहे हुए है। और इन सब खबरों के बीच में अब एक नया खुलासा किया हुआ है। सीबीआई के पूर्व मजिस्ट्रेट ने जिनका नाम प्रभार ग्वाल है। और अब ये जिनकी बातो ने सभी लोगो को निंदो को उड़ा दिया हुआ है। निलंबित और भगोड़े जीपी सिंह के दामन में एक और दाग लग गया हुआ है। अब। और ये अब जो किसी के मिटाए भी नहीं मिटेगा ना मिटने वाला है।

आईपीएस राहुल शर्मा सुसाइड केस में खुलासा।

आखिर कोन है। असली कातिल। ? ?

अब आईपीएस राहुल शर्मा का सुसाइड केस एक बार फिर से अपने सच की तलाश में लोगो की जुबान से बाहर आने लगा हुआ है। और इसके लिए निलंबित हुए सरकार की तरफ से एडीजी जीपी सिंह पर इसके लिए उंगलियां भी अब उठने लगी हुई है। अब इसके खिलाफ सीबीआई के पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने इस संबध मे अपने कुछ चौकाने वाले खुलासे किए हुए है। इस संबध मे प्रभाकर ग्वाल ने एक प्रेस कान्फ्रेस कर कहा है। की निलंबित जीपी सिंह को बचाने की कोशिश की जा रही हुई है। अब जब राहुल शर्मा ने सुसाइड किया हुआ था। उस वक्त में तब जीपी सिंह बिलासपुर के आईजी थे। और इसके साथ ही मे राहुल शर्मा ने अपने सुसाइड नोट मे जो लिख कर छोड़ा हुआ था। उसमे अपने बॉस के द्वारा में उन्हे खूब प्रताड़ित करना का लिखा हुआ था। आरोप लगाया हुआ था। साथ ही मे उन्होने। लेकिन उसके पश्चात अब भी जीपी सिंह को बचाने का फूल प्रयास किया जा रहा हुआ है।

इस दौरन उन्होंने अपने बात में ये भी कहा है। की कोई आत्महत्या करने के लिए आईपीएस ऑफिसर नहीं बनता हुआ है। उस वक्त हमने खुद आईपीएस राहुल शर्मा के फाई लो का अध्ययन किया हुआ है। और आपको बता भी दे ये की राहुल शर्मा कोई छोटी मोटी हंसती भी नहीं थे। राहुल शर्मा की मौत का कारण कुछ कोल माफिया का लगता है। पर खैर अभी तो सब कुछ पिक्चर से गायब है। उन्होंने कहा कि इस शिकायत के वक्त जो कुछ लोग पुलिस परिसर मै जो लोग थे। जिनकी इस केस में लिप्त होने की पूर्ण संभावना है। उस वक्त ने उसमे से किसी का भी बयान अच्छे से नहीं लिया गया हुआ था। उस जगह पर वहा पर मौजूद वह 3 लोग बताएंगे की आखिर वह क्यों मरा है। या फिर यह रहा होगा। की इन लोगो ने है उसे मारा है।

उन्होंने आगे ये भी कहा कि प्रभाकर ग्वाल ने की राहुल शर्मा जैसे बड़े बड़े केस आत्महत्या के मामले जब तक उजागर नहीं होंगे। तो ऐसे में तो छत्तीसगढ़ में किसी को भी न्याय नहीं मिल पाएगा। इस इसके विवेचना मै सबूत को छुपाया गया हुआ है। और दबाया गया हुआ भी है। पहली दृष्टि मे इस मौत के पीछे में सुसाइड नोट के अनुसार सुशील अग्निहोत्री और जीपी सिंह का हाथ लग रहा हुआ है। जब यह घटना हुई उस दौरान वहा पर जो जो लोग भी उपस्थित थे। वह उन सब लोग मिले हुए थे। प्रभाकर ग्वाल ने कहा कि राहुल शर्मा के सुसाइड नोट के अनुसार सुशील अग्निहोत्री और जीपी सिंह का इसमें हांथ है। प्रभाकर ग्वाल ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे कहा है। की अभी तक आईपीएस राहुल शर्मा का लैपटॉप नहीं मिला है। जो की अभी तक गायब अवस्था में ही है। अभी तक नहीं मिला हुआ है। उसमे कई अहम दस्तावेज और जरूरी जानकारियां रखते थे आईपीएस राहुल शर्मा उस अपने लैपटॉप में। जो अब तक नहीं मिला है। जो अब तक गायब अवस्था में है। अब तक राहुल शर्मा के काल डिटेल तक सामने नहीं आ सकी हुई है। साथ ही साथ उन्होंने अपने बात में आगे कहा है। की जीपी सिंह के साथ में कुछ और अफसर भी इस केस में सामिल थे। जिन्हे उन्हे भी अब बचाया जा रहा हुआ है। आईपीएस राहुल शर्मा की मौत अकेले जीपी सिंह के बस की बात नहीं थी। अब प्रभाकर गवाल इस केस कार्यवाही की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में है।

आप सबको एक बार बता दे कि एसीबी के रिपोर्ट सरकार को सौंपते ही छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस ऑफिसर जीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया हुआ था। इस मामले मै एसीबी के छापेमार कार्यवाही में से कई तरह के बड़े खुलासे हुए पड़े है। जीपी सिंह के सरकारी बंगले में से अन्य उसके 15 ठिकानों में से भ्रष्टाचार के कई दस्तावेज बरामद किए गए हुए है। जो कि बेहद महत्वपूर्ण है। इनमे बेनामी संपत्ति समेत विदेशो मे उसके कई बैंक खाते का जिक्र भी है। इसमें अब तक में एसीबी ने 70 घंटे से भी ज्यादा का समय लगा कर इस कार्यवाही में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले हुए है। और ये जीपी सिंह जब एसीबी का चीफ था। उस वक्त तब इसने लोगो को ब्लैक मेल करना, अवैध रूप से लोगो से वसूली करना, बेशुमार रूप से करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक बनना, अरु इसके पश्चात से ही वो एसीबी और EOW के रडार पर था। अभी उसकी 10 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की प्रोपर्टी का खुलासा हुआ पड़ा है। फिलहाल जीपी सिंह अभी फरार चल रहा हुआ है।

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