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हनीप्रीत की राजदार सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने किए 5 बड़े खुलासे

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के ड्राइवर इकबाल सिंह की पत्नी सुखदीप कौर ने हनीप्रीत इंसा को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं. भटिंडा के बलुआना गांव की रहने वाली सुखदीप ने का परिवार राम रहीम और डेरा का सबसे करीबी माना जाता है. डेरा प्रेम के कारण यह परिवार एक दशक पहले अपना गांव छोड़कर सिरसा में जा कर बस गया था. हनीप्रीत की मदद करने वाली सुखदीप कौर को पुलिस ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया है.

सुखदीप कौर चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह हनीप्रीत की गाड़ी चला रही थी. उस पर दंगे भड़काने के आरोपी महेंद्र इंसा को राजस्थान में छिपाने का आरोप भी है. सुखदीप कौर की मदद से हनीप्रीत पंजाब के कई शहरों में घूम चुकी है. सूत्रों के मुताबिक दोनों का ठिकाना भटिंडा ही रहा है. एक और जहां हनीप्रीत अपनी पूछताछ के दौरान पुलिस को खूब बेवकूफ बना रही है वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार की गई सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने हनीप्रीत से जुड़े पांच राज खोले हैं.

डेरे में चलता है हनी का सिक्का
सुखदीप कौर ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हनीप्रीत की हैसियत डेरे में नंबर 2 की है और आज भी उसका सिक्का चलता है. पिछले 38 दिनों के दौरान जब हनीप्रीत पुलिस की नजर से इधर-उधर भाग रही थी तो उसे जब भी उसे रुपए-पैसे की जरूरत होती थी वह डेरे के लोगों को फोन कर उनसे पैसे मंगाती थी.

फोन पर काफी देर तक बातें
हनीप्रीत फोन पर बातें करते वक्त सुखदीप कौर को गाड़ी से उतार देती थी. 38 दिनों के दौरान हनीप्रीत कई लोगों के साथ संपर्क में थी उसे जब भी किसी से कोई बात करनी होती थी तो सुखदीप कौर को गाड़ी से उतर जाने को कहती थी और चुपचाप किसी से बातचीत करती थी. बातें किसके साथ होती थीं इसका पता सुखदीप कौर को भी नहीं है.

सबूत मिटाने में माहिर है हनी
एक ओर जहां पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हनीप्रीत कौर ने 38 दिनों के दौरान 17 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है वहीं दूसरी ओर उसकी मददगार सुखदीप ने पुलिस को बताया है कि अक्सर हनीप्रीत सिम कार्ड का इस्तेमाल करने के बाद या तो उसे तोड़ देती थी या फिर लापरवाही से उसे फेंक देती थी.

छिपा रखा है अपना मोबाइल
शातिर हनीप्रीत को मालूम है कि पुलिस के हत्थे अगर उसका मोबाइल फोन चढ़ा तो उसकी हेकड़ी दो मिनट में निकल जाएगी. हनीप्रीत ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि उसका फोन कहीं गिर गया है. अपने नाम से पंजीकृत सिम कार्ड के बारे में भी उसने गोलमोल जवाब दिया है. लेकिन सुखदीप कौर ने हनीप्रीत का भांडा फोड़ते हुए कहा है कि उसका मोबाइल फोन पंजाब के तरनतारन के किसी गांव में है. हालांकि पुलिस को अभी यह मालूम नहीं है कि यह मोबाइल फोन नष्ट कर दिया गया है या फिर किसी के सुपुर्द कर दिया गया है.

चप्पे-चप्पे की जानकारी रखती है
हनीप्रीत पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. वह लगातार कह रही है कि उसे नहीं याद की वह 38 दिनों के दौरान वह कहां-कहां रही और कहां-कहां भटकी. लेकिन सुखदीप कौर ने पुलिस को बताया है कि हनीप्रीत को चप्पे-चप्पे की जानकारी है और 38 दिनों के दौरान वह जहां भी हनीप्रीत के साथ गई उन दोनों को कहीं भी रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ी. हनीप्रीत को सभी सड़कों और शहरों की जानकारी है ।

गौरतलब है कि 38 दिनों के सफर के दौरान ज्यादातर समय यह दोनों महिलाएं एक साथ रही हैं. सुखदीप ही हनीप्रीत की गाड़ी चलाती थी और हनीप्रीत शीशे पर तौलिया रखकर उसे निर्देश देती थी.

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इकबाल सिंह
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