ज्योतिष

सूर्य ग्रहण के समान शुभ फल देगा रविवार

रविवार दिनांक 30.07.17 को सूर्य सप्तमी का पर्व है। शास्त्रनुसार सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं। पृथ्वी पर यही जीवन का मूल स्रोत हैं। प्राचीन काल से ही कई धर्मों में सूर्य को वंदनीय माना गया है। सूर्य के प्रताप के गुणों से धर्मग्रंथ भरे पड़े हैं। आरोग्यकारक शरीर को प्राप्त करने हेतु व शरीर को निरोग रखने हेतु सूर्य सप्तमी के दिन सूर्यदेव के पूजन का विधान शास्त्रों में अंकित है।

 

सूर्य सप्तमी पूजन से मानसिक शांति मिलती है, बुद्धि का विकास होता है, स्मरण शक्ति बढ़ती है। शास्त्रनुसार सूर्य सप्तमी भी सूर्य ग्रहण के समान प्रभावकारी है। इसमें जप, होम, दान आदि करने पर उसका सूर्य ग्रहण की तरह अनन्त गुना फल प्राप्त होता है।

 

विशिष्ट पूजन: तांबे के लोटे में शुद्ध जल व थोड़ा गंगाजल, गाय का दूध, अक्षत, लाल फूल व शहद मिला कर सूर्य को अर्घ्य दे व सूर्य बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।

 

सूर्य बीज मंत्र: ॐ ह्राँ ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥

 

विशेष पूजन मुहूर्त: प्रातः 07:05 से प्रातः 07:20 तक रहेगा।

 

अभिजीत मुहूर्त: दिन 12:00 से 12:54 तक।

 

अमृत काल: दिनांक 31.07.17 अर्धरात्रि 00:02 से रात्री 01:47 तक।

 

यात्रा महूर्त: दिशाशूल – पश्चिम, नक्षत्र शूल – नहीं है, राहुकला वास – उत्तर। अतः पश्चिम व उत्तर दिशा की यात्रा टालें।

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