अंधविश्वास : मृत पिता की ‘आत्मा’ लेने अस्पताल पहुचे पूरा परिवार

मंदसौर : जहां एक तरफ देश 21वीं सदी में विकास के नए पैमाने स्थापित करने में लगा है वहीं दूसरी ओर मंदसौर में एक ऐसा मामला देखने केा मिला जिससे यह साबित हो गया है कि हम आज भी अंधविश्वास के अंधेरों में जकड़े हुए हैं। मामला जिला अस्पताल का है जहां 35 साल पहले मरे हुए व्यक्ति की आत्मा को लेने उसका परिवार पहुंचा। यहां अस्पताल के मेन गेट पर घंटों तक भीड़ लगी रही और मृतक के परिवार वाले आत्मा को बुलाने के लिए तांत्रिक विद्या के साथ पूजा-पाठ करते रहे।

करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल के बाहर पूजा-पाठ करने के बाद परिवार के लोग एक ज्योति लेकर वापस लौट गए। हैरत की बात तो यह है कि जब यह नाटक चल रहा था तब इसकी जानकारी न तो पुलिस को लगी और न ही अस्पताल प्रशासन को लगी। गौर करने वाली बात यह रही कि जब यह पूरा घटनाक्रम चल रहा था तब वहां से कई डॉक्टर निकलते रहे लेकिन किसी ने भी लोगों को ऐसा करने से नहीं रोका।

दरअसल नीमच निवासी राजू 35 साल पहले मरे अपने पिता कारूलाल की आत्मा लेने जिला अस्पताल पहुंचा था। जहां राजू ने अपने परिवार के साथ मेन गेट पर बैठकर हवन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान ढोल भी बजते रहे। राजू का कहना है कि उसके घर के देवता ने बताया कि उसके पिता की आत्मा अस्पताल में भटक रही है। इसलिए वह आत्मा लेने आया था। मामले पर अस्पताल के डॉक्टर एके मिश्रा का कहना है कि मुझे किसी व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल के बाहर पूजा की जा रही है। लेकिन, उन्हें यह मालूम नहीं था कि वह लोग किसी आत्मा को लेने यहां आए थे।

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