छत्तीसगढ़

एससी-एसटी मामले में नहीं होगी तुरंत गिरफ्तारी, पीएचक्यू पहुंचा सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

निर्देशों को पालन नहीं हुआ तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई, एसपी को जारी किया पत्र

रायपुर : छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया है। पुलिस अधीक्षकों को जारी निर्देश में कहा गया है कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी की लिखित अनुमति के बैगर किसी भी लोक सेवक की गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। इसके साथ ही गैर सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी से पहले एसएसपी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन का फैसला सुनाया है, जिसके अनुसार अब किसी भी सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी से पहले उसके नियोक्ता अधिकारी से अनुमति लेनी जरुरी है। वहीं गैर सरकार व्यक्ति के खिलाफ यदि एससी-एसटी अधिनियम के तहत शिकायत होती है तो उसकी सीधे गिरफ्तारी नहीं होगी।

पहले जांच होगी, उसके बाद एसएसपी से अनुमति के बाद गिरफ्तारी की कार्यवाही की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस संशोधन के बाद पिछले दिनों 2 अप्रैल को पूरे देश में भारत बंद का आयोजन किया गया था। देशभर हिंसक विरोध हुए थे।

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