सुप्रीम कोर्ट ने की याचिका ख़ारिज, विदेशी चंदे के खिलाफ सुनवाई से इनकार

कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ली.

नई दिल्ली : विदेशी कंपनियों से चंदा लेने के मामले में बीजेपी और कांग्रेस पर संकट के बादल आसानी से नहीं छटेंगे. सरकार ने वित्त विधेयक के ज़रिये 1976 के FCRA कानून को भले ही बदल दिया हो लेकिन चुनाव सुधार के लिये लड़ रही संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्म ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में रखा.

पेड न्यूज पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में इस तरह सुनवाई नहीं की जा सकती. याचिकाकर्ता को उपयुक्त फोरम में मामले को उठाना चाहिए. उपयुक्त फोरम से कोर्ट का मतलब चुनाव आयोग से है. कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ली.

बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने पेड न्यूज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिका में मांग की गई कि पेड न्यूज़ पर रोक लगाई जाए. उपाध्याय ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दे कि वो पेड न्यूज को लेकर लॉ कमीशन और चुनाव आयोग की सिफारिशों को लागू करे.

याचिका में ये भी कहा गया कि जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वोटिंग के दो दिन पहले यानी जब चुनाव प्रचार खत्म होता है उसके बाद से कोई पेड न्यूज नहीं दिखा सकता, उसी तर्ज पर ये नियम प्रिंट मीडिया, रेडियो और वेबसाइट पर भी लागू किया जाए.

याचिका में कहा गया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की नींव है और इसे तभी पाया जा सकता है जब इसे मनी पॉवर से दूर रखा जाए. दूसरी याचिका राजनैतिक दलों को विदेशी चंदे की इजाज़त देने वाले संशोधित कानून को चुनौती देने वाली थी. इस याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इन्कार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ऐसी ही एक याचिका पहले से लंबित है. याचिकाकर्ता उसी मामले मे अर्जी दाखिल कर अपनी बात रख सकती है.

Back to top button