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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी : हमें पता है दीपावली पटाखा मुक्त नहीं होने वाली, लोग पटाखे जलाएंगे

दिल्ली-एनसीआर में दीवाली पर पटाखों की बिक्री नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा विक्रेताओं की मांग पर आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि हमें पता है कि दीपावली पटाखा मुक्त नहीं होने वाली, लोग पटाखे जलाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हम अपने आदेश में बदलाव करते हैं तो यह आदेश की आत्मा के खिलाफ होगा. कोर्ट ने कहा कि हमें पीड़ा है कि कुछ लोग इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और कुछ लोग राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है. जस्टिस सिकरी ने कहा कि सबको पता है कि मैं कितना धार्मिक हूं. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि 11 बजे के बाद पटाखें नहीं छोड़े जाएं.

गौरतलब है कि दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट का बिक्री पर रोक के आदेश में संशोधन करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने पटाखा विक्रेताओं की कुछ घंटे बिक्री की इजाजत देने की मांग को ठुकरा दिया है.

कोर्ट ने कहा कि हमें पीड़ा हो रही है कि इस मामले को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है. कोर्ट ने कहा कि लोगों के पास पहले से पटाखे हैं वो काफी हैं. अब वक्त नहीं दिया जा सकता. याचिकाकर्ता चाहें तो दिवाली के बाद संशोधन के लिए आ सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने अखबार में पढ़ा है कि अभी भी आदेश के बावजूद पटाखे बिक रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक जारी रहेगी या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्तूबर को दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद पटाखा व्यापारियों और इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर रोक हटाने की मांग की गई है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर को दिए अपने आदेश में उनके लाइसेंस को बहाल कर दिए थे और इसके बाद दीपावली के मद्देजनर पटाखों की बिक्री के लिए उन्होंने पटाखे खरीद लिए थे. अगर उन्हें पटाखा बेचने की इजाजत नहीं जाती तो उन्हें बेहद नुकसान होगा.

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