सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड मामले में की सुनवाई, ये है अहम् फैसले

बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं

नई दिल्ली :

सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता और इसे लागू करने वाले वर्ष 2016 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर साढ़े चार महीने बाद अपना फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई मायने में बेहद अहम है, क्योंकि अब तक देश में 1.21 अरब लोग आधार बनवा चुके हैं और बैंक खातों में सीधे सब्सिडी से लेकर तमाम अन्य तरह की लाभ योजनाओं को लागू करने में इसे बेहद अहमियत दी गई है।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, आधार गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन करता है, क्योंकि इससे संभवतः व्यक्तियों और मतदाताओं की प्रोफाइलिंग हो सकती है।

जस्टिस सीकरी ने कहा कि शिक्षा हमें अंगूठे से हस्ताक्षर तक ले गई, लेकिन एक बार फिर तकनीक हमें हस्ताक्षर से अंगूठे की ओर ले जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, नया सिम कार्ड लेने के लिए आधार अनिवार्य नहीं है।

पीठ ने निजी कंपनियों को आधार के आंकड़े एकत्र करने की अनुमति देने वाले आधार कानून के प्रावधान 57 को रद्द कर दिया है।

न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि आधार योजना के सत्यापन के लिए पर्याप्त रक्षा प्रणाली है। जितनी जल्दी संभव हो, आंकड़ों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि फैसले में मानव सम्मान के विचार को विस्तार दिया गया है।

न्यायमूर्ति सीकरी ने फैसले में कहा, नकली आधार कार्ड प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है।

पीठ ने कहा कि आधार समाज के वंचित तबके को सशक्त बनाता है और उन्हें पहचान देता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड न मिले।

यूजीसी, नीट और सीबीएसई परीक्षाओं के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। बॉयोमेट्रिक डाटा अदालत की अनुमति के बिना किसी भी एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

मोबाइल कंपनियां आधार कार्ड की मांग नहीं कर सकती हैं।

पैन कार्ड लिंक करवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।

बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।

कोर्ट ने कहा, स्कूल-कॉलेजों में दाखिले के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।

आधार के खिलाफ याचिकाकर्ताओं के आरोप संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर आधारित हैं, जिनके कारण राष्ट्र शासकीय निगरानी वाले राज्य में बदल जायेगा।

उच्चतम न्यायालय ने कहा, संवैधानिक रूप से वैध है आधार।

कोर्ट ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनूठा होना बेहतर है, आधार का अर्थ अनूठा है।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आधार के लिए यूआईडीएआई ने न्यूनतम जनांकीकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े एकत्र किये।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और अपनी ओर से न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी ने आधार पर फैसला पढ़ा।

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