राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट ने जेपी. इंफ्राटेक लिमिटेड को किया दिवालिया घोषित

रक्षा रिएल्टी और एनबीसीसी को रिवाइज़्ड प्रपोजल देने को कहा

नई दिल्ली: यमुना एक्सप्रेस-वे के पास जेपी बिल्डर्स के कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिसमें नोएडा के सेक्टर-26 और सेक्टर -9 स्थित अमन- III, बीएस स्टूडियो- 2, बुलवर्ड कोर्ट, उड़ान, सन्नीवेल वेल्स, मैच्योरिटी अपार्टमेंट्स, तनिष्क स्क्वॉयर, यमुना विहार और विला एक्सपैन्जा जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं.

इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट ने जेपी. इंफ्राटेक लिमिटेड को दिवालिया घोषित कर सिया है तथा सुरक्षा रिएल्टी और एनबीसीसी को रिवाइज़्ड प्रपोजल देने को कहा है. ये प्रक्रिया 90 दिनों के अंदर पूरी करनी होगी. नई बिडिंग में जेपी एसोसिएटस की कोई भी कंपनी हिस्सा नहीं ले सकती है.

जेपी इंफ्राटेक के दिवालिया होने से यमुना एक्सप्रेस वे का संचालन अन्य कंपनी के हाथ में चला जाएगा. इसके साथ ही जेपी इंफ्राटेक को यमुना एक्सप्रेस वे के निर्माण के एवज में दिए गए पांच एलएफडी भी उसी कंपनी के अधिकार में आ जाएंगे.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए यमुना प्राधिकरण इसके प्रभाव का आंकलन करने में जुट गया है. यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए जेपी इंफ्राटेक का गठन हुआ था. ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेस वे का पीपीपी मॉडल पर निर्माण के लिए जेपी इंफ्राटेक का गठन हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी और सुरक्षा रिएल्टी कंपनी को 45 दिनों में फ़्रेश बिडिंग करने के आदेश हैं. इसमें से जो भी अधिक बोली लगाएगा, यमुना एक्सप्रेस वे व पांचों एलएफडी पर उसका अधिकार हो जाएगा. वही कंपनी यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल की वसूली करेगी.

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