सुप्रीम कोर्ट: कल शाम 4 बजे तक हो कर्नाटक में बहुमत परीक्षण

दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे हैं. हम कानून के अनुसार फैसला करेगा

नई दिल्ली. मुकुल रोहतगी ने तत्काल फ्लोर टेस्ट कराए जाने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए. ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है. एक दिन फ्लोर टेस्ट का निर्देश देकर संतुलन नहीं बनाया जा सकता. कपिल सिब्बल ने कहा कि हमारे पास हमारे सभी विधायकों के दस्तखत वाली चिट्ठी है. रोहतगी और तुषार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट से ही सच सामने आएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे हैं. हम कानून के अनुसार फैसला करेगा. कानूनी प्रकिया का पालन होना चाहिए.सिब्बल ने कहा कि सरकार बनाने का न्यौता गठबंधन के साथ सबसे बड़ी पार्टी को मिलना चाहिए या पर्याप्त बहुमत वाली पार्टी को. एएसजी तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल को कांग्रेस और जेडीएस के सभी सदस्यों के हस्ताक्षरित पत्र कभी नहीं मिला.सुप्रीम कोर्ट में कुमारस्वामी की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्यपाल को अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

सिंघवी बोले- येदियुरप्पा ने कहा कि हमारे साथ अलां फलां विधायक हैं, लेकिन ABC कौन-कौन साथ हैं. दूसरी ओर कांग्रेस-जेडीएस ने सभी 117 के नाम लिख कर राज्यपाल को दिए.जस्टिस सीकरी ने कहा कि या तो आप कानून के अनुसार चलें या फिर शनिवार को सदन में बहुमत परीक्षण हो. ये आपको चुनना है, दूसरा विकल्प ज्यादा व्यावहारिक है.

कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- राज्यपाल कैसे बीजेपी को बहुमत सिद्ध करने का मौका दे सकते हैं, जबकि कांग्रेस-जेडीएस के पास पूरी संख्या है.कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के गुजरात के राजकोट स्थित घर पर सुरक्षा बढ़ायी गयी. कांग्रेसी तोड़फोड़ ना करे इस आशंका के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है.

इस बीच सिंघवी ने कहा कि अगर कल बहुमत परीक्षण के लिए सदन को बुलाया जाता है, तो भी इस मामले में कानून सम्मत निर्णय होना चाहिए कि क्या इस मामले में राज्यपाल निर्णय ले सकते हैं.

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