मधु किश्वर के खिलाफ गैर जमानती वारंट खारिज

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने मानहानि के मामले में मधु किश्वर के खिलाफ श्रीनगर की एक अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट आज खारिज कर दिया. आपराधिक मानहानि का यह मामला कश्मीर स्थित एक पत्रकार ने दायर किया है. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने गैर जमानती वारंट उस वक्त खारिज कर दिया जब पत्रकार के वकील ने न्यायालय को सूचित किया कि शीर्ष अदालत का 24 जुलाई का आदेश मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया था और इसी वजह से यह वारंट जारी हुआ था.

शीर्ष अदालत ने 24 जुलाई को किश्वर को श्रीनगर की अदालत की कार्यवाही में दिल्ली की अदालत से वीडियो कांफ्रेन्सिग के जरिये हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी. गैर जमानती वारंट निरस्त करते हुये पीठ ने किश्वर से कहा कि वह 24 जुलाई के शीर्ष अदालत के आदेश में दिये गये निर्देशों के अनुसार अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लें. शीर्ष अदालत ने 15 सितंबर को इस गैर जमानती वारंट पर रोक लगा दी थी. यह मामला श्रीनगर से प्रकाशित होने वाले एक दैनिक के प्रधान संपादक सैयद शुजात बुखारी ने दायर किया था.

किश्वर का दावा था कि कश्मीर में मीडिया की स्थिति को लेकर उनके ट्विटर से किये गये ‘कुछ ट्वीट’ को लेकर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है.

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