सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ की अर्जी पर राजीव कुमार से मांगा जवाब

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की सीबीआई की अर्जी पर राजीव कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीबीआइ ने कोर्ट से राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने की मांग की है। कोर्ट मामले पर 15 अप्रैल को फिर सुनवाई करेगा।

ये आदेश मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सारधा चिटफंड घोटाले में दाखिल सीबीआइ की अर्जी पर सुनवाई के बाद जारी किये। सीबीआइ ने राजीव कुमार पर सारधा चिटफंड घोटाले की जांच में सहयोग न करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने गत 5 फरवरी को राजीव कुमार को सीबीआइ के सामने पेश होने और जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया था, लेकिन कोर्ट ने राजीव कुमार की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई करने से सीबीआइ को रोक दिया। सीबीआइ यह रोक आदेश हटवाना चाहती है।

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान राजीव कुमार के वकील ने कोर्ट से कहा कि सीबीआइ ने अपनी याचिका में जो भी आरोप लगाए हैं वो सब सीबीआई निदेशक द्वारा सत्यापित होने चाहिए क्योंकि उन्हें सीबीआइ के पूर्व अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव पर विश्वास नहीं है।

उन्होंने कहा क्योंकि पश्चिम बंगाल पुलिस 2017 में उनकी पत्नी के खिलाफ जांच कर रही थी। कोर्ट ने इस बारे में कोई भी आदेश देने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्हें मुद्दे से मत भटकाओ। आप बहाना चाहते हैं। सीबीआइ ने राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए गिरफ्तारी पर रोक हटाने की मांग की है।

कोर्ट उस अर्जी पर नोटिस जारी कर रहा है आप जवाब दाखिल करें। जब राजीव कुमार के वकील ने सीबीआइ की गिरफ्तारी से रोक हटाने की मांग अर्जी के सुनवाई पर लगे होने के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की तो पीठ ने कहा अर्जी सुनवाई सूची में थी आपको नहीं पता तो हम कुछ नहीं कर सकते।

इसके अलावा कोर्ट ने सीबीआइ को वोडाफोन और एयरटेल पर जांच में सहयोग न करने के आरोपों के मामले मे भी सीबीआइ को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की छूट दी है। इससे पहले वोडाफोन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने सीबीआइ के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने सभी सीडीआर और काॅॅल रिकार्ड दे दिये हैं। रोहतगी ने कोर्ट से मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टालने का अनुरोध किया जिस पर कोर्ट ने इस मामले को दो सप्ताह के लिए टाल दिया।

सीबीआइ ने अपनी अर्जी में कहा है कि राजीव कुमार से पूछताछ करके उन साक्ष्यों की बरामदगी करानी है जो सारधा घोटाले में पश्चिम बंगाल एसआइटी के मुखिया रहते हुए राजीव कुमार ने एकत्रित किये थे। सीबीआइ का आरोप है कि राजीव कुमार ने सारे सबूत सीबीआइ को नहीं सौंपे हैं।

इसके अलावा एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के अन्य अधिकारियों को भी सीबीआइ जांच में सहयोग करने का निर्देश दिये जाने की मांग की है। सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सारधा घोटाले की जांच कर रही है। सीबीआइ और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच यह झगड़ा गत 3 फरवरी को तब शुरू हुआ सीबीआइ की टीम कोलकाता में तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर उनसे पूछताछ करने गई और पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबाआई को जाने से रोका और बंधक बना लिया था। तभी आनन फानन में सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पश्चिम बंगाल पुलिस पर जांच में सहयोग न देने और न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाया था।

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