सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी, हरियाली के इंतजार में कॉरिडोर

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में हेरिटेज कॉरिडोर पर हरियाली विकसित करने का आदेश किया था।

आगरा : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की उद्यान शाखा ताज और आगरा किला के बीच स्थित हेरिटेज कॉरिडोर पर हरियाली विकसित करने का काम शुरू नहीं कर सकी है। यह स्थिति अभी तक है जबकि तीन जून को आगरा में केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा की मौजूदगी में एएसआइ की महानिदेशक उषा शर्मा ने 15 दिन में यहां काम शुरू होने की घोषणा की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में हेरिटेज कॉरिडोर पर हरियाली विकसित करने का आदेश किया था। एक दशक तक इस ओर संबंधित विभागों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। एएसआइ को यहां 20 हेक्टेअर जमीन चिह्नित कर दी जा चुकी है।

वह यहां करीब 1.1 करोड़ रुपये से सफाई व फेंसिंग करा चुका है। मगर, यहां हरियाली विकसित करने का काम एएसआइ शुरू नहीं कर सका है। जबकि 20 एकड़ जमीन पर उद्यान विभाग ने हरियाली विकसित करने का काम शुरू कर दिया है।

वह यहां दो से तीन एकड़ जगह में काम कर भी चुका है। अक्टूबर तक वह यहां काम पूरा हो जाएगा, मगर एएसआइ के काम में देरी होती जा रही है। एएसआइ को यहां चारबाग पद्धति पर उद्यान विकसित करना है। योजना के तहत आगरा किले के सामने स्थित 15 हेक्टेअर क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा,

जबकि ताज की तरफ स्थित पांच हेक्टेअर क्षेत्र में पौधे लगाए जाएंगे। एएसआइ की उद्यान शाखा को इसके लिए 80 लाख रुपये भी दिए जा चुके हैं। एएसआइ की महानिदेशक उषा शर्मा ने तीन जून को हुई बैठक में छह-सात माह में कॉरीडोर पर हरियाली विकसित करने व 15 दिन में काम की शुरुआत की बात कही थी। यह समय सीमा बीत चुकी है।

सूत्र बताते हैं कि इसके लिए दिल्ली मुख्यालय को एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। वह मुख्यालय द्वारा एप्रूव करके नहीं भेजा गया है। एस्टीमेट को एप्रूवल मिलने के बाद ही यहां हरियाली विकसित करने को टेंडर आदि प्रक्रिया की जाएगी। इसमें अभी और समय लग सकता है, जिससे समय पर कॉरीडोर पर हरियाली का ख्वाब पूरा होने में समय लग सकता है।

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