छत्तीसगढ़

‘सुराज’ में आजाद है गांजा तलाशी के आड़ में बेवा औरत से कपड़े उतारने की मांग करने वाला आबकारी अमला

एसपी से शिकायत के बाद भी चक्रधरनगर थाना पुलिस की मेहरबानी पर उठ रहे सवाल

ऋषिकेश मुखर्जी

>रायगढ़। जिस जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान एक महाअभियान के तर्ज पर चलाया जा रहा है। जिसे इस अभियान में उत्कृष्ठ उपलब्धि के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया हो उसी जिले में एक अकेली बेवा महिला के साथ हुई शर्मनाक घटना की रिपोर्ट पर पुलिस और प्रशासन किसी तरह की कार्यवाही करने के बजाय चुप्पी साधे बैठा है। ऐसे में विपक्षी दलों का यह आरोपों पर कि आदिवासी व दलित और पिछड़ा वर्ग समाज के से दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है, सच्चाई के करीब नजर आता है। वही प्रदेश में सुराज होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

चक्रधरनगर थाना का मामला

घटना रायगढ़ जिला मुख्यालय के करीब ही चक्रधरनगर पुलिस थाना के दायरे में आने वाले गांव छुहीपाली की है। जहां बीते 17 फरवरी को इसी गांव में रहने वाली सविता बेवा प्रेमकुमार पटेल जाति अहरिया उम्र 35 साल शाम को 4 बजे अपने घर पर अकेली थी घर के बाहर संकीर्तन नाम का एक वृद्ध बैठा हुआ था। सविता का बेटा स्कूल गया हुआ था और भाई काम पर गया हुआ था। तभी आबकारी विभाग के तीन वर्दीधारी कर्मचारी वहां पहुंच कर बेवा पर गांजा बेचने का आरोप लगाते हुए उसके घर के भीतर घुस कर तलाशी लेने के बहाने पूरे घर को तहस-नहस कर दिया। महिला को घर में अकेली पा कर उस बेवा औरत से कपड़े खोलने के की जिदद कर बेशर्मी पर उतर आए। जब महिला ने इसका विरोध किया तो ये अफसरान बाहर परछी में बैठे संकीर्तन पर भी गांजा पीने का आरोप लगाकर उसे भी पकड़कर बाहर सड़क पर खड़ी अपनी गाड़ी पर बिठाया जाता है गाड़ी में ही उनसे रुपए की मांग की जाती हैं लेकिन मांग के मुताबिक रुपए नहीं देने पर उन्हें गांव से काफी दूर महापल्ली के कॉलेज के पास गाड़ी से उतार दिया। आखिरकार जैसे तैसे रात 10 सभी अपने गांव वापस लौट पाए।

रिपोर्ट के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

बता दें की परछी में बैठे संकीर्तन से वदीर्धारी ने मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट सविता ने घटना के दूसरे दिन 18 फरवरी चक्रधरनगर थाने में दर्ज कराई है, लेकिन उसकी रिपोर्ट पर दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। तलाश के नाम बेवा महिला से बेशर्मी करने वाले आबकारी विभाग कर्मियों में राजेश अग्रवाल और उसके साथ तिर्की और एक अन्य भी था और वे तीनों नशे में धुत थे।

पुलिस की ओर से कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर सविता ने घटना की लिखित रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक रायगढ़ से भी की थी, लेकिन अभी तक विभागीय अफसर मौन ही हैं।

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