सर्वे : भाजपा की तरफ जा रहे मुसलमान ?

दो दशक में करीब 70 फीसदी बढ़ा रुझान
56 फीसदी मुस्लिम महिलाओं का रुझान
मात्र 44 फीसदी मुसलमानों का ही रुझान

नई दिल्ली।
मुसलमानों को पारंपरिक तौर पर भाजपा का वोट बैंक नहीं माना जाता है मगर पार्टी ने उसमें सेंधमारी की कोशिशें तेज कर दी हैं। मामला चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सालभर के अंदर दूसरी बार मस्जिद जाने का हो या संघ प्रमुख द्वारा यह कहना कि बिना मुसलमानों के हिन्दुत्व नहीं और तीन तलाक पर केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अध्यादेश को हरी झंडी देना। ये कुछ वाकये ऐसे हैं जो बताते हैं कि देश के करीब 14 फीसदी मुस्लिम मतादाताओं को लुभाने के लिए भाजपा कड़ी मेहनत कर रही है।

नेशनल इलेक्शन सर्वे-2014 और लोकनीति-सीएसडीएस के मूड आॅफ द नेशन सर्वे के पोस्ट पोल सर्वे के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनावों में 10 में से एक मुसलमान ने भाजपा को वोट दिया था। सबसे ज्यादा गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक के मुस्लिमों ने भाजपा को वोट दिए थे। इन राज्यों में 15 फीसदी से ज्यादा मुसलमानों ने भाजपा को वोट दिए थे।

1998 से लेकर 2014 तक लोकसभा चुनावों के बाद किए गए पोस्ट पोल सर्वे और 2017 और 2018 के मूड आॅफ द नेशन सर्वे के मुताबिक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, एमपी, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 5 से 15 फीसदी मुसलमानों ने भाजपा को वोट देने की बात कही जबकि असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, बिहार और केरल में भाजपा पांच फीसदी मुसलमानों का भी वोट नहीं हासिल कर सकी।

सर्वे के मुताबिक 1998 के लोकसभा चुनावों में जहां 6 फीसदी मुस्लिमों ने भाजपा को वोट दिया था वह बढ़कर 2018 के मूड आॅफ द नेशन सर्वे में 10 फीसदी हो गया। यह आंकड़ा मुसलमानों का रुझान बताता है। सर्वे में 2009 में सबसे कम मात्र चार फीसदी मुसलमानों द्वारा ही भाजपा को वोट दिए जाने की बात कही गई है। सर्वे के मुताबिक 1998 से 2018 के बीच दो दशक के दौरान मुसलमानों का रुझान भाजपा की तरफ करीब 70 फीसदी बढ़ा है।

आर्थिक समृद्ध, पढ़े-लिखे युवा ज्यादा
हालांकि, भाजपा बहुत कम मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाती रही है। बावजूद इसके मुस्लिमों के रुझान में इजाफा दिखाया गया है। ऐसे लोगों में शिया के अलावा आर्थिक रूप से समृद्ध, पढ़े-लिखे, युवा, महिलाएं और अंतर धार्मिक विवाह के हिमायती रहे मुसलमानों की संख्या ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक भाजपा को वोट देने या उसके तरफ रुझान रखने वाले कुल मुसलमानों का 55 फीसदी 10वीं क्लास से ज्यादा पढ़ा लिखा है। 35 साल उम्र के अंदर मुस्लिम वोटरों की तादाद करीब 52 फीसदी है जिनका रुझान भाजपा की तरफ है जबकि 46 फीसदी मुसलमानों ने दूसरी पार्टियों को वोट दिया है। शिया समुदाय के करीब 22 फीसदी लोग भाजपा की तरफ रुझान रखते हैं जबकि 17 फीसदी अन्य राजनीतिक दलों को पसंद करते हैं। सर्वे के मुताबिक 56 फीसदी मुस्लिम महिलाओं का रुझान भाजपा की तरफ है जबकि भाजपा की तरफ मात्र 44 फीसदी मुसलमानों का ही रुझान है।

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