शिवनाथ से पानी लाकर कुम्हारी जलाशय भरने के प्रस्ताव का होगा सर्वेक्षण: मुख्यमंत्री

गरूवा अब गरू नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का बनेगा आधार: भूपेश बघेल

आलोक मिश्रा

मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

बलौदाबाजार।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से पानी लाकर कुम्हारी सहित आस-पास के जलाशयों को भरने के किसानों से आए प्रस्ताव का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने जिला कलेक्टर को इस महत्वपूर्ण परियोजना का सर्वेक्षण करा करके 10 दिनों मंे रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करने को कहा है।

इससे सकलोर सहित आस-पास के लगभग 43 गांवों के किसानों के खेतों की प्यास बुझेगी और बार-बार के अकाल से अंचल के किसानों को मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए राशि की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। श्री बघेल आज जिले के ग्राम सकलोर में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के बलौदाबाजार राज के सम्मेलन को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।

अध्यक्षता मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामकुमार सिरमौर ने की। विशेष अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार शर्मा, बिलाईगढ़ के विधायक चंद्रदेव राय और मनेन्द्रगढ़ विधायक डाॅ. विनय जायसवाल उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह में समाज के पुरखों के आगे शीश झुकाया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने का सबसे पहले सपना डाॅ. खूबचंद बघेल ने देखा था। उनका सपना धीरे-धीरे वास्तविक रूप लेता गया और वर्ष 2000 में यह मूर्त रूप लिया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 18 साल बाद छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों, किसानों और गरीबों की हमदर्द सरकार आई है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन होने के पहले घण्टे में ही किसानों के ऋण माफ कर दिए।

उनके धान की खरीदी 2500 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि दो हजार 50 और 2500 रूपए के अंतर की राशि भी किसानों को फरवरी में मिल जाएगी। अंतर की 450 रूपए के राशि उनके खाते में जमा करा दी जाएगी।

झीरम घाटी के पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलेगा। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। बस्तर में टाटा कम्पनी द्वारा अधिग्रहित भूमि को भी उनके वास्तविक किसानों को लौटाने का फैसला सरकार ने लिया है। दस गांवों के एक हजार 700 किसानों की 4 हजार 200 एकड़ भूमि उन्हें लौटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा, घुरवा, गरूवा और बारी का विकास हमारी सरकार का दर्शन है। इन्हें ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गांवों का समन्वित विकास किया जाएगा। गांवों में गायों के लिए पक्का गोठान और दैहान विकसित किए जाएंगे। गरूवा अब गांव और किसान के लिए गरू (बोझ) नहीं बल्कि उनके विकास के महत्वपूर्ण आधार होंगे। गोबर से घर-घर में गैस जलाया जाएगा। उज्ज्वला जैसे महंगे योजना की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। पशुओं को उन्नत प्रजाति में बदला जाएगा ताकि वे किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद हों। उन्होंने मनरेगा योजना को खेती-किसानी से जोड़ने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार शराबबंदी के लिए वचनबद्ध है। लेकिन इसे ऊपर से थोपा नहीं जाएगा। समाजों की बैठक लेकर इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसकी बुराई पर समाज में मंथन होगा। उनकी सहमति और बताए गए सुझाव के अनुरूप इसका क्रियान्वयन किया जाएगा ताकि यह टिकाऊ बन सके। सामाजिक और राजनीतिक दोनों तरीके से हम इस बुराई पर प्रहार करेंगे ताकि हमें पूरी सफलता मिल सके।

मुख्यमंत्री ने विशिष्ट योगदान करने वाले सामाजिक बन्घुओं का कुर्मी समाज की ओर से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार से ही किसी समाज की पहचान होती है। इसलिए सभी समाजों को इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। समारोह को मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रदेश प्रमुख डाॅ. रामकुमार सिरमौर ने भी सम्बोधित किया।

उन्होंने शिवनाथ नदी के सोमनाथ घाट से सकलोर क्षेत्र में पानी लाने की पुरजोर मांग की और स्थानीय समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। बलौदाबाजार राज के राजप्रधान नरेन्द्र कश्यप ने प्रतिवेदन के जरिए सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी।

सम्मेलन में रायपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, पूर्व विधायक जनकराम वर्मा, पूर्व विधायिका श्रीमती लक्ष्मी बघेल सहित बड़ी संख्या में कुर्मी क्षत्रिय समाज के लोग और ग्रामीण जन शामिल हुए। कलेक्टर जे.पी.पाठक, एसपी प्रशांत अग्रवाल, अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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