जेल के भोजन से पेट नहीं भरने से परेशान सुशील कुमार,मांगा पहलवानों वाला खाना

सुशील जेल के अंदर भी पहलवानों वाले डाइट प्लान का खाना मांग रहा है।

नई दिल्ली : जूनियर पहलवान सागर धनकड़ के हत्या के मामले में तिहाड़ की मंडोली जेल पहुंचे पहलवान सुशील कुमार का पेट नहीं भर पा रहा है। वह जेल की आठ रोटियों, दो कप चाय और चार बिस्कुट को कम बता रहे हैं। पहलवान सुशील का कहना है कि उनका पेट अन्य कैदियों को मिलने वाली खुराक से नहीं भरने वाला। उन्हें कुछ एक्स्ट्रा प्रोटीन और अधिक खाना चाहिए होता है। बताया जाता है कि जरूरत पड़ी तो वह इस बारे में कोर्ट से भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं कि उन्हें अधिक डाइट दी जाए।

पहलवान सुशील कुमार की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जेल प्रशासन ने बताया कि जेल में लाए जाने से पहले पुलिस ने सुशील का कोविड टेस्ट कराया था। इसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जेल में आने के बाद सुशील का कोविड टेस्ट नहीं कराया गया है। जरूरत लगी तो जेल में भी कोविड टेस्ट कराया जाएगा।

सुशील कुमार 14 दिन तक जेल में बने क्वारंटाइन सेंटर में रहेगा

बता दें कि सुशील कुमार 14 दिन तक जेल में बने क्वारंटाइन सेंटर में रहेगा। फिलहाल सेंटर में वह अकेला है। सूत्रों का कहना है कि अगर उसमें कोरोना के किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आते हैं तो जेल प्रशासन तय करेगा कि उसे किस जेल में रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सुशील जेल के अंदर भी पहलवानों वाले डाइट प्लान का खाना मांग रहा है। बताते हैं कि अकेलेपन से उसका दम घुट रहा है। वह जमीन पर बैठकर समय बिता रहा है। उसे अपनी जान का खतरा सता रहा है। मंडोली जेल में कई ऐसे गैंगस्टर बंद हैं, जिनसे सुशील की बनती नहीं है।

सुशील कुमार और उसके साथियों ने संपत्ति विवाद को लेकर चार मई की रात को छत्रसाल स्टेडियम में सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू महल और अमित कुमार के साथ मारपीट की और बाद में सागर की हत्या कर फरार हो गए थे। पुलिस ने सुशील पर एक लाख रुपये का इनाम रख दिया था। 23 मई को उसे मुंडका से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने शुरू में उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, जिसे चार दिन और बढ़ा दिया गया था। इसके बाद दो जून को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड के एक गवाह की सुरक्षा का मसला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा 

वहीं, पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड के एक गवाह की सुरक्षा का मसला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। ओलंपियन सुशील कुमार इस मामले में मुख्य आरोपित है। इस संबंध में दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने गवाह को संरक्षण देने के लिए संरक्षण योजना-2018 के तहत कदम उठाने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की पीठ ने कहा कि सरकार एक सप्ताह के अंदर योजना बनाकर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन दायर करे और जब तक उस पर निर्णय नहीं हो जाता पुलिस गवाह को सुरक्षा प्रदान करेगी।

अधिवक्ता अजय कुमार पिपनिया और पल्लवी पिपनिया के माध्यम से दायर याचिका में गवाह ने आरोप लगाया है कि छत्रसाल स्टेडियम में हुई घटना के दौरान सुशील कुमार ने उसे भी पीटा था। उन्होंने दावा किया कि सुशील के संबंध कई कुख्यात गैंगस्टर से हैं और उसे भी मारा जा सकता है। बयान या गवाही देने को लेकर लगातार उसके माता-पिता को धमकाया जा रहा है।

 

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