हिंदी में भी जारी होंगे पासपोर्ट, बच्चों-बुजुर्गों को भी दिया सरकार ने खास तोहफा

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि अब से पासपोर्ट हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषा में होंगे। हाल ही में देश में पोस्ट ऑफिस के 149 नये पासपोर्ट सेवा केंद्र की भी घोषणा की थी। वहीं, सुषमा ने ‘नो इंडिया प्रोग्राम’ के तहत मंत्रालय के लिए एक वेब पोर्टल भी लॉंच किया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 149 नए पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की घोषणा की थी। जिसमें लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। लोगों के घर से पासपोर्ट ऑफिस दूर होने की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पर सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है
विदेश मंत्रालय इसके लिए देश भर के प्रत्येक जिले में मौजूद मुख्य पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट बनाने का काम किया जाएगा। अभी सरकार ने पहले चरण में 86 में से 52 सेवा केंद्र खोले हैं। इनको पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के नाम से जाना जाएगा।

मुख्य डाक घर में पासपोर्ट सेवा केंद्र बनने के बाद भी पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन ऑनलाइन ही करना होगा। फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। फीस जमा करने के बाद सामने आए विंडो में पासपोर्ट ऑफिस के रूप में आपके शहर के मुख्य पोस्ट ऑफिस का नाम भी दर्ज होगा। इसके बाद संदेश के जरिए एक तारीख उपलब्ध कराई जाएगी। उस तिथि को आपको अपने सभी दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट ऑफिस पहुंचना होगा। यहां नोटरी की तरफ से हलफनामा भी देना होगा।

डाकघरों के पासपोर्ट ऑफिस में पहुंचने के बाद दिए गए समय पर सक्षम अधिकारी या कर्मचारी के समक्ष पेश होना होगा। यहां सबसे पहले दस्तावेजों की जांच होगी। फिंगरप्रिंट, रेटिना स्कैन, जांच आदि औपचारिकताएं डाकघर में ही होंगी। नई व्यवस्था के तहत पुलिस स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट के लिए लोग लंबी लाइन में नहीं लगना चाहते। इसके लिए वे एक मोबाइल ऐप यूज कर सकते हैं। इस ऐप की मदद से घर बैठे पासपोर्ट बनवाया जा सकता है। विदेश मंत्रालय की ऐप एमपासपोर्ट सेवा इस काम में आपकी मदद करेगा। ये ऐप एंड्रॉयड, आईवोएस और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

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