UN में सुषमा का संबोधन कहा, हम गरीबी से लड़ रहे हैं, और हमारा पड़ोसी PAK हमसे लड़ रहा है

नई दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुषमा ने हिंदी में भाषण दिया. अपने संबोधन के दौरान सुषमा ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई. सुषमा के इस भाषण की पीएम ने भी जमकर तारीफ की है. सुषमा के भाषण के तुरंत बाद पीएम ने एक बाद एक तीन ट्वीट किए और सुषमा के भाषण को शानदार बताया.

पीएम सुषमा के भाषण की तारीफ में किए तीन ट्वीट
अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ”विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बेहतरीन भाषण दिया. उन्होंने विश्व मंच पर भारत को गौरवान्वित किया है.’
पीएम ने लिखा, ‘सुषमा जी ने वैश्विक चुनौतियों को रेखांकित किया और बताया कि भारत की प्रतिबद्धता हमेशा से बेहतर ब्रह्मांड की रही है.’
अगले ट्वीट में सुषमा ने लिखा, ‘सुषमा स्वराज ने आतंकवाद के खतरों पर भी कड़ा संदेश दिया है. सुषमा जी ने बताया कि हमें क्यों आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत है.’

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भाषण 22 मिनट का रहा. अपने संबोधन के दौरान सुषमा स्वराज 6 मिनट तक पाकिस्तान पर बोलीं. सुषमा ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई.

‘हम गरीबी से लड़ रहे हैं पाकिस्तान हमसे’
सुषमा स्वराज ने कहा, ‘विश्व आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर खतरे से जूझ रहा है. विश्व गरीबी, भूखमरी और पर्यावरण संकट की समस्या से जूझ रहा है. हम गरीबी से लड़ रहे हैं लेकिन हमारा पड़ोसी मुल्क आतंकवाद से लड़ रहा है.’ उन्होंने कहा कि इसी मंच से पाकिस्तान के पीएम ने भारत पर तरह-तरह के आरोप लगाए. उन्होंने भारत पर मानवाधिकार के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है. जिस समय वह बोल रहे थे उस समय लोगों ने कहा कि देखो कौन बोल रहा है।’सुषमा स्वराज ने कहा कि बेगुनाहों का खून बहाने वाला पाकिस्तान हमें मानवाधिकार का पाठ पढ़ा रहा है.

‘हमने एम्स बनाया पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा’
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान साथ-साथ आजाद हुए थे लेकिन भारत की पहचान आईटी के सुपर पावर के रूप में बनी जबकि पाकिस्तान की पहचान दहशतगर्त देश के रूप में बनी. इसकी क्या वजह है भारत ने पाकिस्तान की द्वारा दी आतंकवाद की चुनौति का सामना करते हुए भी अपनी अंदरूनी विकास की गति को रुकने नहीं दिया. हमने आईआईटी, एम्स, आईआईएम बनाए लेकिन पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा बनाया. हमने स्कॉलर पैदा किए, वैज्ञानिक पैदा किए, पाकिस्तान वालों आपने आतंकवादी पैदा किए, जिहादी पैदा किए.

‘जिन्ना ने क्या विरासत दी यह इतिहास जानता है’
सुषमा स्वराज ने कहा, ‘पाकिस्तान के पीएम ने कहा था कि जिन्ना ने पाकिस्तान को शांति और दोस्ती की नीति विरासत में दी थी. यह तो इतिहास जानता है कि जिन्ना ने कैसी विरासत दी थी लेकिन मैं याद दिलाना चाहती हूं कि पीएम मोदी ने शांति और दोस्ती की नीयत जरूर दिखाई थी. कहानी बदरंग किसने की, अब्बासी साहब इसका जवाब दें.’

आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जिन समस्याओं का समाधान तलाश रहा है उनमें आतंकवाद सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा, ‘अगर हम अपने शत्रु को परिभाषित नहीं कर सकते तो फिर मिलकर कैसे लड़ सकते हैं? अगर हम अच्छे आतंकवादियों और बुरे आतंकवादियों में फर्क करना जारी रखते हैं तो साथ मिलकर कैसे लड़ेंगे? अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने पर सहमति नहीं बना पाती है तो फिर हम मिलकर कैसे लड़ सकते हैं?’

 

 

 

 

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