27 नग इमारती बीजा लकड़ी को महज 10,000 में तस्करों को बेचने वाले 2 बिट गार्ड निलंबित

तमनार रेंज में पकड़ाया था लकड़ी

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़। जंगल से काटी गई 27 नग ईमारती बीजा लकड़ी को महज 10 हजार में तस्करों को बेचने के मामले में डीएफओ ने दो फारेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है। एक बीट गार्ड रायगढ वन परिक्षेत्र का है तो दूसरा तमनार वन परिक्षेत्र का है।

जिनके हाथों में शासन ने जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है वही जंगल को बेच देने पर आमादा हैं। जानकारी के मुताबिक 27 जुलाई को सुबह तमनार रेंजर और डिप्टी रेंजर ने कांटाझरिया में 27 नग बीजा लकड़ी से भरे एक छोटा हाथी वाहन को पकड़ा था। पकड़ने के बाद वाहन को तमनार रेंज लाया गया जहां लकड़ी को अनलोड भी किया गया। लकड़ी को जब्त करने के दो दिन बाद लकड़ी को लोड कर उसे बिना किसी दातावेज पंचनामा, चालान जब्ती के बगैर बेलादुला डीपो में छोड़कर चले गए।

रायगढ रेंजर राजेश्वर मिश्रा

जब इस बात की जानकारी रायगढ रेंजर राजेश्वर मिश्रा को लगी तो उन्होंने बिना जब्ती पत्रक के इमारती लकड़ी को छोड़ने की जांच शुरू की। वे उस जंगल भी गए जहां से इन इमारती वृक्षों को काटा गया था। जांच में पता चला कि जंगल से काटे गए इन लकड़ियों को कसडोल बीट गार्ड कमलेश सिदार और कांटाझरिया बीट गार्ड चन्द्रमणि बैरागी ने तस्कर को 10 हजार में बेच दिया था। बताया जा रहा है जब तस्कर छोटा हाथी में लकड़ियों को ले जा रहे थे तभी तमनार रेंजर ने जब्त कर लिया। लेकिन तमनार रेंजर ने किसी तरह की कार्रवाई करने की बजाए जब्त वाहन और लकड़ियों को बेलादुला डिपो में छोड़ आये।

रायगढ़ रेंजर राजेश्वर मिश्रा के इस जांच प्रतिवेदन के बाद डीएफओ मनोज पांडेय ने दोनों बीट गार्ड कमलेश सिदार और चन्द्रमणि बैरागी को निलंबित कर दिया है। रायगढ रेंजर के इस खुलासे से यह पता चलता है कि वनमंडल रायगढ के कुछ कर्मचारी ही जंगल को तबाह करने में आमादा हैं।

क्या कहते हैं रेंजर

रायगढ़ रेंजर राजेश्वर मिश्रा कहते हैं कि तमनार रेंज से बिना कोई दस्तावेज जब्ती पत्रक के 27 नग बीजा लकड़ी से लोड एक छोटा हाथी वाहन को बेलादुला डिपो भेजा गया था। जांच में पाया गया कि जब्त की गई लकड़ी को दो बीट गार्डो ने 10 हजार में विक्रय कर दिया था। बाद में इसी लकड़ी को तमनार रेंज द्वारा पकड़ा गया। दोनों बीट गार्ड को डीएफओ द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

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