छत्तीसगढ़

बालाजी पुरम के 10वें पाटोत्सव में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरसती सम्मिलित हुए

धर्मसम्राट , ज्योतिष व द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के कृपा प्राप्त दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सहारनपुर में बालाजी पुरम के दसवें पाटोत्सव में समिलित हुए तथा उपस्थित भक्तों के उद्देश्य में यह श्लोक अपने श्रीमुख से बोले और अर्थ भी समझाये।

उल्लंघ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः । आदाय तेनैव ददाह लंकां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम् ।।

खबरीलाल सुदीप्तो चटर्जी ने बताया कि इस विशेष दिन पूज्य दंडी स्वामी जी के साथ गीता मनीषी ज्ञानानन्द जी महाराज, उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए। इस पाटोत्सव के आयोजक श्री विपुल जोशी ने स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त किये और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किये।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.