स्विट्जर लैंड की ड्रग कंपनी रोशे और सिप्ला ने दवा को लॉन्च की ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’

एंटीबॉडी कॉकटेल की पहली खेप आज से भारत में उपलब्ध हो रही

नई दिल्ली:फार्मा कंपनी सिप्ला और रोश इंडिया के बनाए गए एंटीबॉडी कॉकटेल की पहली खेप आज से भारत में उपलब्ध हो रही है. वहीं, इसकी दूसरी खेप जून मध्य तक आएगी. स्विट्जर लैंड की ड्रग कंपनी रोशे और सिप्ला ने सोमवार के दिन ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ दवा को लॉन्च कर दिया है.

‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ दवा के बारे में मेदांता अस्पताल के फाउंडर डॉक्टर नरेश त्रेहान ने बताया कि ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ दवा से 70 प्रतिशत तक हॉस्पिटलाइजेशन बच जाता है यानी इस दवा को लेने वाले 70 प्रतिशत लोगों को अस्पताल नहीं जाना पड़ता. डॉक्टर त्रेहान ने बताया कि इस दवा को कुछ मामलों में बच्चों को भी दिया जा सकता है.

भारत में ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ के वितरण का काम सिप्ला करेगी. ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ अभी देश में चुनिंदा जगहों पर ही मिल सकेगी. जैसे इसे मेदांता अस्पताल से लिया जा सकेगा. ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ दरअसल दो दवाओं का मिक्सचर है, ये दो दवाएं हैं- कासिरिविमाब और इम्देवीमाब. इन दोनों दवाओं के 600-600 MG मिलाने पर ‘एंटीबॉडी कॉकटेल’ दवा तैयार होती है.

ये दवा दरअसल वायरस को मानवीय कोशिकाओं में जाने से रोकती है, जिससे वायरस को न्यूट्रिशन नहीं मिलता, इस तरह ये दवा वायरस को रेप्लिकेट करने से रोकती है.

कोरोना से बीमार ट्रंप को दी गई ऐसी दवा जो आम लोगों के लिए नहीं है उपलब्ध

डॉक्टर त्रेहान ने बातचीत में बताया कि इस दवा की प्रभावकारिता (एफिकेसी) सत्तर प्रतिशत है, यानी ऐसे लोग जिन्हें अस्पताल जाने की जरूरत पड़ सकती है उन्हें ये दवा लेने के बाद अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये दवा मृत्यु दर को भी अस्सी प्रतिशत तक कम करती है.

डॉक्टर त्रेहान ने इसकी कीमत के बारे में बताया कि एंटीबॉडी कॉकटेल को बुधवार से मेदांता अस्पतालों में लिया जा सकता है. एंटीबॉडी कॉकटेल के एक सिंगल डोज की कीमत सारे टैक्स मिलाकर 59,750 पड़ती है.

त्रेहान ने कहा कि उन्होंने कंपनियों से दवा की कीमत कम करने के लिए निवेदन किया है, साथ ही ये भी कहा कि चूंकि ये दवा अस्पताल जाने से बचाती है, जान बचाती है, इसलिए इसे लेने में फायदा ही है.

आपको बता दें कि एंटीबॉडी कॉकटेल को कोरोना से पीड़ित पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया गया था. इसके उपयोग की अमेरिका में भी अनुमति है, भारत सरकार ने भी इसके आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है. इसे कोरोना पॉजिटिव आने के 48 से 72 घंटे के अंदर लिया जा सकता है. इसे लेने में 20 से 30 मिनट लगते हैं. इसके बाद एक घंटे तक मरीज को निगरानी में रखा जाता है ताकि ये देखा जा सके कि कोई रिएक्शन तो नहीं हुआ. बच्चों को भी ये दवा दी जा सकती है मगर उनका वजन कम से कम 40 किलो होना चाहिए.

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