सैयद मोदी टूर्नामेंट : सिंधु नहीं लेंगी हिस्सा, जाने यहाँ क्या है ये पूरा मामला

इससे उन बैडमिंटन प्रेमियों को निराशा हाथ लग सकती है जो इस टूर्नामेंट में साइना और सिंधु की खिताबी जंग की उम्मीद कर रहे थे।

गत चैंपियन पीवी सिंधु ने मंगलवार से शुरू हो रहे सैयद मोदी बैडमिंटन ग्रांप्रि से हटने का फैसला किया। अब भारत की उम्मीदें साइना नेहवाल और किदाम्बी श्रीकांत पर टिक गई हैं।

लखनऊ स्थित बाबू बनारसी दास बैडमिंटन एकेडमी में खेली जाने वाली डेढ़ लाख डॉलर इनामी राशि वाली इस एचएसबीसी वर्ल्ड टूर सुपर 300 चैम्पियनशिप में ऑस्ट्रेलिया, जापान और स्वीडन के खिलाड़ी पहली बार खेलते नजर आएंगे।

उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ के महासचिव अरुण कक्कड़ ने बताया कि टूर्नामेंट में रियो ओलम्पिक रजत पदक विजेता दुनिया की चौथे नम्बर की खिलाड़ी पी. वी. सिंधू को प्रथम और लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली विश्व की नौवें नम्बर की शटलर साइना को दूसरी वरीयता दी गई थी।

हालांकि गत विजेता सिंधु ने चीन के ग्वांगझू में अगले महीने होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल पर ध्यान केंद्रित करने के लिये मोदी टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है।

यह टूर्नामेंट 12 से 16 दिसंबर तक खेला जाएगा। इससे उन बैडमिंटन प्रेमियों को निराशा हाथ लग सकती है जो इस टूर्नामेंट में साइना और सिंधु की खिताबी जंग की उम्मीद कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि पुरुष वर्ग में विश्व रैंकिंग में आठवें नम्बर के खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत को पहली और एच. एस. प्रणय को दूसरी वरीयता दी गई है। गत चैम्पियन समीर वर्मा भी खिताब बचाने के लिये उतरेंगे।

कक्कड़ ने बताया कि टूर्नामेंट में मेजबान भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, चीन, डेनमार्क, इंग्लैंड, इजरायल, जापान, मलेशिया, मॉरीशस, पैराग्वे, थाईलैंड और अमेरिका समेत 20 देशों के 250 से ज्यादा खिलाड़ी जोर आजमाइश करेंगे।

टूर्नामेंट में क्वालीफाइंग मुकाबले 20 नवंबर से खेले जाएंगे, जबकि मुख्य ड्रॉ के मुकाबले अगले दिन शुरू होंगे। विभिन्न स्पर्धाओं के सेमीफाइनल मुकाबले 24 नवम्बर को होंगे, वहीं फाइनल 25 नवम्बर को खेले जाएंगे।

सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय ग्रांप्रि को भारत में खेले जाने वाले विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) के प्रमुख टूर्नामेंट में शुमार किया जाता है।

वर्ष 1991 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट को वर्ष 2003 तक राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप के तौर पर खेला जाता था। वर्ष 2004 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर प्रदान किया गया। वर्ष 2011 में इसे बीडब्ल्यूएफ ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट का दर्जा मिला।

इस टूर्नामेंट का नामकरण वर्ष 1982 में राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष एकल स्पर्धा के विजेता सैयद मोदी के नाम पर हुआ था। वर्ष 2017 में आयोजित इस ग्रांप्रि में भारत के समीर वर्मा ने पुरुष एकल वर्ग का और महिला वर्ग में पीवी सिंधु ने खिताब जीता था । पिछले टूर्नामेंट में साइना नेहवाल को चोट की वजह से नाम वापस लेना पड़ा था।

 

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