मंकीगेट प्रकरण पर साइमंड्स का बयान, भड़क उठे भज्जी

इस घटना के एक दशक बाद साइमंड्स ने कहा कि तीन साल बाद उन्होंने इस मामले को खत्म कर दिया था।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स ने ‘मंकीगेट’ कांड के एक दशक बीतने के बाद उस पर बड़ा बयान दिया है। साइमंड्स ने कहा है कि भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ‘मंकीगेट’ प्रकरण के बाद इस मामले को सुलझाने के दौरान ‘रोने लगे’ थे।

2008 में सिडनी टेस्ट के दौरान यह घटना हुई थी जिसमें हरभजन पर साइमंड्स को ‘बंदर’ कहने का आरोप लगा था। इस घटना के एक दशक बाद साइमंड्स ने कहा कि तीन साल बाद उन्होंने इस मामले को खत्म कर दिया था।

इन दोनों ने इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई की ओर से खेलते हुए इस विवाद को खत्म किया। साइमंड्स ने ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘वह (हरभजन) रोने लगा था और मैंने देखा कि इसे लेकर उस पर काफी बोझ है और वह इसे खत्म करना चाहता है।

हमने हाथ मिलाए और मैं उससे गले मिला और कहा ‘दोस्त, सब कुछ सही है। यह मामला खत्म।’ उस समय इस तरह की टिप्पणी से इनकार करने वाले हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था।

भारत ने हालांकि इसका विरोध किया था जिसके बाद प्रतिबंध हटा दिया गया। उस समय भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट रिश्ते सबसे खराब दौर पर पहुंच गए थे।

साइमंड्स ने कहा, हम एक रात बेहद अमीर आदमी के घर डिनर के लिए गए और पूरी टीम वहां मौजूद थी। वहां मेहमान मौजूद थे और हरभजन ने कहा कि दोस्त क्या मैं एक मिनट के लिए तुम्हारे साथ बगीचे में बात कर सकता हूं।

उसने कहा कि देखो, मैंने सिडनी में तुम्हारे साथ जो किया उसके लिए माफी मांगना चाहता हूं। मैं माफी मांगता हूं, मैं उम्मीद करता हूं कि इससे तुम्हें, तुम्हारे परिवार, तुम्हारे दोस्तों को काफी नुकसान नहीं पहुंचा होगा और मैंने जो कहा उसके लिए मैं माफी मांगता हूं, मुझे यह नहीं कहना चाहिए था।

हालांकि हरभजन ने ट्विटर पर साइमंड्स की इस हरकत को बचकाना करार दिया है। उन्होंने लिखा मैं सोचता था कि साइमंड्स अच्छा क्रिकेटर था, लेकिन वह तो एक अच्छा काल्पनिक कहानी लेखक है।

उसने 2008 में भी झूठी कहानी बेची और अब 2018 में भी ऐसा ही कर रहा है। दोस्त, दुनिया इन 10 साल में बहुत आगे बढ़ गई है। अब आपका बड़े होने का समय है। हरभजन ने एक और ट्वीट कर साइमंड्स से पूछा, ऐसा कब और किसलिए हुआ था?

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