टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल: मिताली राज को बाहर रखने पर बोले गांगुली

मैं मिताली को नहीं खिलाए जाने को लेकर ज्यादा निराश नहीं हूं, लेकिन मैं भारत को सेमीफाइनल में हारा देखकर निराश हूं।'

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे सीनियर सदस्य मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में अंतिम एकादश से बाहर रखे जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने यह बयान दिया है।

मिताली राज की तरह मुझे भी अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था। वो भी ऐसे समय, जब मैं अपने करियर की ऊंचाइयों पर था।

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘कप्तानी करने के बाद भी मैं डगआउट में बैठा हूं। मैंने जब देखा कि मिताली राज को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया है तो मैंने कहा, इस ग्रुप में स्वागत है।’

दादा ने अपना दर्द बयां करते हुए आगे कहा, ‘कप्तानों को बैठने को कहा जाता है। मैं 15 महीने एक भी वन-डे मैच नहीं खेला, जबकि उस वक्त मैंने सर्वोत्तम प्रदर्शन किया था। ऐसा जिंदगी में होता है। दुनिया में सर्वश्रेष्ठ को कई बार दरवाजा दिखा दिया जाता है।’

सौरव ने हालांकि यह भी कहा कि मिताली के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। बकौल सौरव, ‘हमेशा याद रखना चाहिए कि आप इसलिए सर्वोत्तम हैं क्योंकि आपने कुछ किया है और आपको फिर से मौका मिलेगा।

मैं मिताली को नहीं खिलाए जाने को लेकर ज्यादा निराश नहीं हूं, लेकिन मैं भारत को सेमीफाइनल में हारा देखकर निराश हूं।’

टी-20 टीम से बाहर किए गए महेंद्र सिंह धोनी के बारे में सौरव ने कहा, ‘उनमें छक्के लगाने के लिए अभी भी काफी ताकत है। वह एक चैंपियन हैं। पिछले 12-13 साल का उनका करियर शानदार रहा है। सभी की तरह उन्हें भी प्रदर्शन करना पड़ता है, अन्यथा कोई और जगह ले लेगा।’

अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में भारतीय टीम के संयोजन के बारे में दादा ने कहा, ‘मैं चयनकर्ता नहीं हूं, लेकिन मौजूदा टीम के 85-90 फीसद खिलाड़ियों को विश्व कप की टीम में देख रहा हूं।’ टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के बारे में सौरव ने कहा, ‘भारत को ऐसे ही कप्तान की जरूरत है, जिसके लिए जीतना ही सब कुछ है।’

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