टी-20 विश्वकप: जब पाकिस्तान को हराकर भारत बना था वर्ल्ड चैंपियन

आज 24 सितम्बर है और आज ही के दिन टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में आईसीसी टी-20 विश्वकप जीता था। टीम इंडिया की इस जीत में जितना योगदान मैदान पर खेल रहे खिलाड़ियों का था, उतना ही योगदान बाहर से चियर कर रहे फैंस का भी था। भारत ने फाइनल मुकाबले में अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को बॉल आउट में हराया था। चार घंटे से भी अधिक समय तक चले इस मैच में रोमांच, संतुलन और हार न मानने की शानदार इच्छा शक्ति देखने को मिली। यह टी-20 वर्ल्ड कप का पहला सीजन था। टीम की दिग्गज त्रिमूर्ति सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने टूर्नामेंट में नहीं उतरने का फैसला किया था। इसके बाद 7 अगस्त, 2007 को धोनी को टीम इंडिया की कमान दी गई थी और टीम ने 24 सितंबर को खिताब जीत कर देश को वर्ल्ड चैंपियन बनाया।

नॉक-आउट स्टेज में रहा शानदार प्रदर्शन

भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए सिर्फ 7 मैच खेलने पड़े, हालांकि 13 सितंबर को भारत और स्कॉटलैंड के बीच खेला गया पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 14 सितंबर को टीम ने दूसरे मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंद्वि पाकिस्तान को बॉल आउट में हराया था। इस टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को लीग मैच और फाइनल (दोनों जगह) बॉल आउट में हराया था।

जोगिंदर से लेकर गंभीर तक, सबने दिखाया दम

टूर्नामेंट में टीम इंडिया के अच्छे प्रदर्शन ने ही उसे वर्ल्ड चैंपियन बनाया था। जहाँ एक तरफ ओपनिंग का दारोमदार भरोसेमंद गौतम गंभीर के कंधो पर था, तो वहीं दूसरी तरफ युवराज के 6 छक्कों ने इस टूर्नामेंट को और यादगार बनाया। युवराज ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के मारकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था।

गेंदबाजी की अगुवाई शान्ताकुमारन श्रीसंत और जोगिंदर शर्मा के कन्धों पर थी। स्पिन डिपार्टमेंट को हरभजन सिंह संभाल रहे थे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रूद्र प्रताप सिंह के कन्धों पर दूसरी टीमों की पार्टनरशिप को तोड़ने की जिम्मेदारी थी।

सभी दिग्गज टीमों को दी थी पटकनी

टीम इंडिया ने सुपर-8 के अपने अंतिम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 37 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 15 रनों से शिकस्त दी थी। इस जीत के बाद पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी विश्व क्रिकेट में नया सितारा बनकर उभरे। धोनी के नेतृत्व में बाद में टीम ने 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी जीता। जानकारी के लिए बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी आईसीसी द्वारा आयोजित तीनों खिताब जीतने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं।

गौतम ने खेली गंभीर पारी

टूर्नामेंट के फाइनल में ओपनर गौतम गंभीर ने 54 गेंदों पर 75 रनों की शानदार पारी खेली थी। उनके अलावा बल्लेबाज रोहित शर्मा ने भी 30 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। गौतम ने इस टूर्नामेंट की पारियों मे 37.83 के औसत से 227 रन बनाये थे। सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में वे मैथ्यू हेडेन के बाद दूसरे नंबर पर काबिज थे।

आरपी और पठान बने भारत की टॉप जोड़ी

गेंदबाजी की बात करें तो इस टूर्नामेंट में आरपी सिंह भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 12.67 से कुल 12 विकेट लिए थे और उमर गुल के बाद इस सूची में दूसरे स्थान पर रहे। आरपी के अलावा भारतीय ऑल-राउंडर भी इस सूची में 10 विकेट लेकर छठे स्थान पर रहे।

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