दागी सांसद-विधायकों के चुनाव लडऩे पर लगेगी रोक? SC आज सुनाएगा फैसला

मार्च 2016 में शीर्ष अदालत ने यह मामला संविधान पीठ को विचार के लिए भेजा था

नई दिल्ली:

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ भारतीय जनता पार्टी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे एम ​​लिंगदोह तथा

एक गैर-सरकारी संगठन की याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय गंभीर अपराधों में अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने के बाद किसी व्यक्ति को चुनाव लडऩे से रोकने संबंधी याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी।

संविधान पीठ में न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा भी शामिल हैं। दरसअल मार्च 2016 में शीर्ष अदालत ने यह मामला संविधान पीठ को विचार के लिए भेजा था।

याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई है कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय हो गए हों और उन मामलों में पांच साल या उससे ज्यादा सजा का प्रावधान हो तो उन्हें चुनाव लडऩे से रोका जाए।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पूछा था कि क्या चुनाव आयोग ऐसी व्यवस्था कर सकता है कि जो लोग आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं उनके बारे में व्योरा सार्वजनिक किया जाए।

एटर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि जहां तक सजा से पहले ही चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध का सवाल है तो कोई भी आदमी तब तक निर्दोष है

जब तक कि न्यायालय उसे सजा नहीं दे देता और संविधान का प्रावधान यही कहता है। इसके साथ ही नेताओं के बतौर वकील प्रैक्टिस करने के खिलाफ याचिका पर भी न्यायालय कल फैसला सुनाएगा।

Back to top button