ताजमहल में शिव चालीसा पर विवाद, कटियार बोले- पुराने राजाओं का मंदिर, पूजा गलत नहीं

मोहब्बत की निशानी ताजमहल पिछले कुछ दिनों से सियासत का अखाड़ा बना हुआ है. सोमवार को हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं ने ताजमहल के बाहर शिव चालीसा की जिसके बाद विवाद गरमाया गया था. अब इस मामले पर बीजेपी नेता विनय कटियार का भी बयान आया है.

विनय कटियार ने कहा है कि ताजमहल में पूजा करना गलत नहीं, कोई अंदर नहीं गया बाहर ही पूजा की है. वहां कोई हनुमान चालीसा पढ़े या शिव आरती करें, इसमें कोई दिक्कत नहीं है.

विनय कटियार बोले कि ताजमहल पुराने राजाओं का महल और मंदिर था, शाहजहां ने उसको कब्रिस्तान बना दिया. मुमताज तो औरंगाबाद में दफनाई गई थी उसके बाद उसको ताजमहल ने दफनाया गया.

उन्होंने कहा कि इमारत तो अच्छी है, पर वो ताजमहल नहीं है, तेजो मंदिर है. इस असलियत को समझकर लोगों को व्यवहार करना चाहिए. ताजमहल में मंदिर होने के कई प्रणाम हैं वहां पानी गिर रहा है जबकि पानी तो शिव मंदिर में ही गिरता है. वहां नाग और धतूरा की आकृति है, अष्टकोणीय गुंबद हैं, मस्जिदों में ऐसा नहीं होता.

कटियार ने कहा कि ये अफसोस की बात है कि शाहजहां ने कब्रगाह बना दिया. ये दुर्भाग्य है कि बनाया किसी राजा ने और नाम शाहजहां का हो रहा है, यही तकलीफ है.

उन्होंने कहा कि ये ताजमहल पर्यटन की दृष्टि से विश्वप्रसिद्ध इमारत है लेकिन ये सांस्कृतिक धरोहर नहीं है और नहीं ही राष्ट्रीय धरोहर भी नहीं हैं लेकिन अब सरकार ने पर्यटन की दृष्टि से भले ही राष्ट्रीय धरोहर मान लिया हो लेकिन वो राष्ट्रीय धरोहर नहीं हो सकती हैं.

ताजमहल को ऐसे ही रहने दें, भारत के कारीगरों ने बहुत सुंदर बनाया है. लोग ताजमहल मानेंगे लेकिन मेरे जैसे लोग उसको शिवमंदिर मानेंगे. पर अब तो वो कब्रिस्तान बन गया है और मंदिरों में कब्रिस्तान नहीं हो सकता. इतना ज़रूर होना चाहिए कि जिस राजा ने मंदिर को बनवाया है और जिन कारीगरों ताजमहल को बनाया है उनका डिटेल बाहर लिखा होना चाहिए.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा जा रहे हैं. यहां वह 30 मिनट तक ताजमहल में रहेंगे. योगी यहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत झाड़ू भी लगाएंगे.

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