अपने ऑफिस के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स, नही होगा नुकसान

वास्तु दोष हो तो उसका सीधा असर कर्मचारियों के मस्तिष्क और सेहत पर पड़ता है।

ज्यादातर लोग वास्तु टिप्स का उपयोग सिर्फ घरों के लिए ही करते हैं, लेकिन यह टिप्स फैक्टरी, कारखानों व ऑफिस आदि सभी स्थानों पर अपनाया जा सकता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर ऑफिस में वास्तु दोष हो तो उसका सीधा असर कर्मचारियों के मस्तिष्क और सेहत पर पड़ता है।

इसके अलावा कंपनी को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। आज हम आपको ऑफिस के वास्तु दोषों को दूर करने के टिप्स बताएंगे।

प्रवेश द्वार पर ना हो बॉस का केबिन

ऑफिस के मेन बाॅस का केबिन सबसे पहले यानि प्रवेश द्वार के पास नहीं होना चाहिए। अगर आपके आफिस में बाॅस का केबिन पहले आता है तो उसे जल्द बदल लें।

इससे आपको फायदा मिलेगा। प्रवेश द्वार के पास जानकारी उपलब्ध करवाने का कक्ष होना चाहिए।

दरवाजे के सामने ना हो टेबल

ऑफिस में किसी भी कमरे के दरवाजे के सामने टेबल ना रखें। यह आपके ऑफिस में नकारात्मक एनर्जी पैदा करता है। इसके अलावा दरवाजे की सीध में किसी कर्मचारी को न बैठाएं।

1 टेबल पर 1 से ज्यादा कर्मचारियों को ना बैठाएं। इससे काम प्रभावित हो सकता है।

रंग का रखें ध्यान

ऑफिस में हमेशा सफेद, क्रीम या पीला जैसे हल्के रंगों का का ही इस्तेमाल करें। हरे या गहरे रंग करने से बचें।

पानी की व्यवस्था

अगर आप पानी का प्रबंध जमीन पर कर रहें हो तो पानी की व्यवस्था ईशान कोण में करनी चाहिए। यह शुभ माना जाता है।

यदि धरती से ऊंचे स्थान पर पानी रखना हो तो किसी भी दिशा में रख सकते हैं।

कैशियर की सही दिशा

कैशियर को ऐसे स्थान पर बैठाएं जहां पर उसे कम कर्मचारी देख सकें। कुबेर का वास उत्तर दिशा में माना गया है। अगर संभव हो सके तो कैशियर को उत्तर दिशा में ही बैठाएं।

विद्युत उपकरण रखने की जगह

विद्युत उपकरण जैसे कम्प्यूटर और कंट्रोल पैनल आदि को आग्नय कोण में ही लगाएं। इससे आपके आफिस के वास्तु दोष दूर होंगे।

वेटिंग रूम और मीटिंग हॉल

कान्फ्रेंस और मीटिंग हॉल को वायव्य कोण में ही बनाएं। यह दिशा काफी शुभ मानी जाती है। इसके अलावा अगल आप अपने ऑफिस में वेटिंग रूम बनाते हैं तो इसे भी वायव्य कोण में रखें।

अधिकारियों के बैठने की दिशा

ऑफिस में किसी भी कर्मचारी की पीठ मुख्य द्वार की तरफ नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बड़े अधिकारियों को दक्षिण दिशा में और छोटे अधिकारियों को पश्चिम दिशा में ही बैठना चाहिए।

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