शिक्षा में सफलता के लिए अपनाएं ये सरल वास्तु उपाय

अव्वल अंक प्राप्त होना यह महत्वाकांक्षा हो सकती

आज के निर्मम प्रतियोगिता के जमाने में, वास्तव में प्रत्येक अभिभावक और माता-पिता अपने प्रतिपाल्य तथा बच्चों की शैक्षिक संभावनाओं के बारे में चिंतित रहते हैं ।

प्रत्येक छात्र संबंधित परीक्षा में सफलता पाने हेतू अथवा किसी प्रतिष्ठित विद्यालय, महाविद्यालय अथवा उच्च शिक्षा में प्रवेश पाने के लिए उच्चतम अंक प्राप्त करना चाहते हैं।

इस दौड़ में कईयों को अच्छे अंक प्राप्त होते हैं तो कुछ तो बुरी तरह से असफल होते हैं । इस प्रकार असफल छात्रोंमें आत्महत्या की प्रवृत्ति, निराशा, निद्रानाश और संपूर्ण बेबसी की भावना उत्पन्न होती है ।

किसी को अपने खुद के स्तर पर पढ़ाई में अव्वल अंक प्राप्त होना यह महत्वाकांक्षा हो सकती है और किसी भी संबंधित शाखा से अध्ययन करना छात्र का ध्येय होगा ।

हर घर में अथवा कार्यस्थलपर शिक्षा का स्थान होता है । कभी कभी शिक्षा का स्थान घर या कार्यस्थल पर नहीं होता।

अगर शिक्षा का स्थान होता भी है तो वह स्नानघर, शौचालय और उपयोगिता कमरे के स्थान के कारण अवरूध्द होता है। अपने आप से शिक्षा से संबंधित समस्याएँ उठती है और सबसे कमजोर बच्चों पर उसका असर होता है ।

किसी भी प्रकार की संरचनात्मक परिवर्तन तथा तोड़-फोड़ किए बिना सरल वास्तु घर में तथा कार्यस्थल की प्रभावित शिक्षा के लिए वास्तु समाधान देता है ।

सरल वास्तु सबसे अच्छी अध्ययन दिशा तथा सबसे अच्छी सोने की दिशा का सुझाव देता है जिससे स्मरणशक्ति और एकाग्रता में सुधार होता है ।

7 चक्र सक्रिय करने से मस्तिष्क की धारणशक्ति बढ़ जाती है । बच्चे अथवा विद्यार्थी २-३ घंटे किसी भी असुविधा के बिना लगातार अध्ययन पूरी एकाग्रता के साथ तथा अध्ययन के सभी महत्त्वपूर्ण संकल्पनाओं को याद करते हैं।

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