तिलमिलाया पाकिस्तान, सेना ने कहा- वह भारत से जंग के लिए तैयार है

पाकिस्‍तान पर मौजूदा समय में 28 हजार अरब रुपये के कर्ज का बोझ

इस्लामाबाद:

पाकिस्तान इन दिनों काफी गैर जिम्मेराना तरीके से बर्ताव कर रहा. अभी पिछले दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दोनों देशों के बीच वार्ता के के लिए चिट्ठी लिखा था . जिसको भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इनकार कर दिया था .

पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को कहा है कि वह भारत से जंग के लिए तैयार है, लेकिन अपने लोगों के हित में अमन-चैन की राह पर चलना पसंद करती है. पाकिस्तानी सेना ने यह प्रतिक्रिया भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की उस टिप्पणी के बाद जाहिर की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सैनिकों की जघन्य हत्या का बदला लेने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है.

आपको बता दें कि पाकिस्‍तान की सेना भले ही युद्ध लड़ने जैसी बात कर रही हो, लेकिन पाकिस्‍तान की आर्थिक स्थिति इस वक्‍त सही नहीं है. पाकिस्‍तान पर मौजूदा समय में 28 हजार अरब रुपये के कर्ज का बोझ है.

अमन-चैन की बात कर रही पाक सेना

पाकिस्‍तान के एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा है कि आतंकवाद से लड़ने का देश का लंबा रिकॉर्ड रहा है और हम अमन-चैन की कीमत जानते हैं. इससे पहले, जम्मू-कश्मीर में बीएसएफ के एक जवान और तीन पुलिसकर्मियों की हाल में की गई

जघन्य हत्या पर टिप्पणी करते हुए जनरल रावत ने शनिवार को ही जयपुर में कहा था कि भारतीय सैनिकों के खिलाफ आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना की बर्बरता का बदला लेने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है.

पाक सेना को कड़ा जवाब देंगे : रावत

जनरल रावत ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, ‘‘हमारे सैनिकों के खिलाफ आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही बर्बरता का बदला लेने के लिए हमें सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है. वैसी बर्बरता किए बगैर उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देने का वक्त आ गया है. मैं समझता हूं कि दूसरे पक्ष को भी ऐसा ही दर्द महसूस होना चाहिए.

फिर झूठ बोली पाकिस्‍तान सेना

जनरल रावत ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बर्बर तरीके से नहीं. पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा बीएसएफ जवान की हत्या किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए गफूर ने कहा, ‘पिछले दो दशक में अमन हासिल करने के लिए हमने संघर्ष किया है. हम किसी सैनिक को कलंकित करने के लिए कभी कुछ नहीं कर सकते.’

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