बिना सलाह बहुत घातक हो सकता है हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन लेना: डॉ. मोहसिन वली

कई मरीजों ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मांगी दवा

नई दिल्ली: अमेरिका के डॉक्टरों द्वारा कोरोना वायरस बचाव के लिए भारत से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन का इस्तेमाल का पता चला है. लेकिन अब यही खोज भारत में समस्या का रूप लेने लगी है.

दरअसल दिल्ली के एक डॉक्टर ने बताया कि पिछले महीने भर में कई मरीजों ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन की दवा मांगी है. लोग कभी फोन पर तो कभी अस्पताल आकर दवा लिखने को कह रहे हैं.

कई मरीज पुरानी डॉक्टर की पर्ची दिखा कर भी दुकानों से ये दवा खरीद रहे हैं. डॉ. नायर का कहना है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन सिर्फ मलेरिया के उपचार में ही इस्तेमाल होता है. लेकिन लोग इससे कोरोना वायरस का इलाज होने की खबर पढ़ने के बाद इसकी मांग करने लगे हैं. हालांकि सभी मरीजों को डॉक्टर ने ये दवा लिखने से मना कर दिया है.

राममनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसीन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. मोहसिन वली का कहना है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन सिर्फ कोरोना वायरस हो जाने के बाद ही कुछ मरीजों को दिया जाता है. इसके बावजूद कई पढ़े-लिखे और समझदार लोग इस दवा को बचाव के लिए इस्तेमाल करने के बारे में पूछ चुके हैं.

डॉ. वली का कहना है कि अगर किसी दिल के मरीज या 15 साल से कम उम्र के बच्चे को इस एंटी-मलेरिया की खुराक दे दी जाए तो इससे मौत भी हो सकती है. इसलिए लोगों को इस दवा से दूरी बनाकर रखना चाहिए.

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