गुजरात चुनाव से सबक लेते हुए, हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है बीजेपी

जैसे दूध का जला छाछ फूंक-फूंक कर पीता है, ठीक उसी तरह बीजेपी भी गुजरात चुनाव से सबक लेते हुए हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. एक भी वोट छिटकने न पाए, इसके लिए हर जतन किए जा रहे हैं.

जैसे दूध का जला छाछ फूंक-फूंक कर पीता है, ठीक उसी तरह बीजेपी भी गुजरात चुनाव से सबक लेते हुए हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. एक भी वोट छिटकने न पाए, इसके लिए हर जतन किए जा रहे हैं.

राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की दसवीं सीट पर जिस तरह से समीकरण पल-पल बदल रहे हैं, उसने पिछले साल हुए गुजरात चुनाव की यादें ताजा कर दी हैं. हर वोट की अहमियत इतनी ज्यादा है कि किसी भी पल पासा पलट सकता है.

विपक्ष के लिए भी स्थिति ठीक ऐसी ही है. चुनाव से ठीक पहले तक डिनर के बहाने देर रात तक हर वोट सहेजने की कोशिश जारी थी. अखिलेश ने जहां लगातार दूसरे दिन खाने के बहाने अपनी एकजुटता दिखाई तो वहीं मायावती भी अपने विधायकों संग बैठक करती रहीं.

ये हैं भाजपा के प्रत्याशी

इस चुनावी दौड़ में भाजपा के उम्मीदवारों में अरुण जेटली, अशोक बाजपेई, विजय पाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, अनिल जैन, हरनाथ सिंह यादव, जीवीएल नरसिंहाराव और अनिल कुमार अग्रवाल शामिल हैं. वहीं निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये उम्मीदवारों में केन्द्रीय मंत्रियों में रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर सहित सात मंत्री शामिल हैं.

गुजरात में ऐसी ही थी तस्वीर

पिछले साल गुजरात में राज्यसभा चुनाव में भी कुछ ऐसी ही तस्वीर बनी थी. उसमें भी एक-एक वोट की लड़ाई थी. उस चुनाव को भी बीजेपी ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था. ऐन वक्त पर अहमद पटेल बाजीगर साबित हुए. गुजरात के राज्यसभा चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे.

इनमें से 2 वोट रद्द कर दिए गए, जिसके चलते 174 वोटों की काउंटिंग की गई थी. एक समय हारते दिख रहे अहमद पटेल ऐन वक्त पर जीत दर्ज करने में कामयाब हो गए. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी थी. उस चुनाव में पूरे दिन हाईवोल्टेज ड्रामा चला था. अमित शाह खुद गुजरात में डेरा डाले बैठे थे. लड़ाई इस कदर थी कि गुजरात से लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग तक सरगर्मी थी.

यूपी के चुनाव में भी कुछ ऐसा ही माहौल है. चुनाव से ठीक एक दिन पहले लखनऊ का सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है. सपा ने रात में अपने विधायकों, सांसदों और वरिष्ठी नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया.

इसमें सपा संस्थायपक मुलायम सिंह, सपा अध्यमक्ष अखिलेश यादव, मुख्यर महासचिव रामगोपाल यादव, मुलायम के भाई विधायक शिवपाल सिंह यादव और आजम खां अर्से बाद एक साथ नजर आये. यहां अखिलेश यादव अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आए. उन्होंने कहा कि नतीजा हमारे इच्छाा के मुताबिक ही होगा.

उधर, बसपा प्रमुख मायावती ने भी विधायकों के साथ बैठक की. बैठक में शामिल विधायक मोहम्म.द असलम राइनी ने बताया कि बैठक में मुख्तावर अंसारी को छोड़कर पार्टी के बाकी सभी 18 विधायक शामिल हुए थे. बैठक में वोट देने का तरीका बताया गया. उन्होंरने भी विश्वाीस जताया कि कल बसपा प्रत्या शी जरूर जीतेगा.

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